
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 पूसा। “स्वामी विवेकानंद जी के जीवन और उनके विचारों व आदर्शों से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। वास्तव में वे भारतीय संस्कृति के सबसे बड़े एंबेसडर थे।”
डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में राष्ट्रीय ‘युवा दिवस’ कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए अपने संबोधन में कुलपति डॉ. पीएस पांडेय ने उक्त बातें कही ।
दीक्षारंभ कार्यक्रम स्वामी जी के सिद्धांतों पर आधारित :
उन्होंने कहा कि, “विश्वविद्यालय का दीक्षारंभ कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों व मूल्यों पर आधारित है।” उन्होंने स्वामी जी के प्रेरक संबोधन के एक अंश को उद्धृत करते हुए छात्रों का आह्वान किया कि, आप ही देश के भविष्य हैं और, आप कल के विकसित भारत का निर्माण करेंगे। इसलिए, “उठें, जागें, आगे बढ़ें और तब तक आगे बढ़ते रहें, जब तक कि लक्ष्य हासिल न हो जाए।”
परंपरानुसार विधिवत उद्घाटन :
बताते चलें कि सोमवार विश्वविद्यालय स्थित विद्यापति सभागार में स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर युवा दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परंपरानुसार, सर्वप्रथम कुलपति सहित अतिथियों के स्वागत सम्मान, कुलगीत प्रसारण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ युवा दिवस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।
विशिष्ट से अति विशिष्ट की ओर बढ़ने के लिए करें श्रम :
डॉ. पाण्डेय ने कहा कि, “छात्रों को समझना चाहिए कि वे विशिष्ट हैं तभी देश के विशिष्ट विश्वविद्यालय से जुड़े हैं। यहां से अतिविशिष्ट बनने के लिए अथक परिश्रम करना है।
स्वामी जी के विचार कालजयी :
अपने संबोधन में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन के विभिन्न प्रसंगों की भी चर्चा की और कहा कि, “स्वामी जी के विचार और आदर्श कालजयी हैं, वे आज भी प्रासंगिक हैं और आने वाले सदियों में भी प्रासंगिक रहेंगे।”
देश को विकसित बनाने के संकल्प पर काम :
कुलपति ने कहा कि, “भारत के युवा पूरी दुनिया में सबसे अधिक प्रतिभाशाली व परिश्रमी होते हैं। विवेकानंद से प्रेरणा लेकर सभी लोगों को विवेकानंद के विचारों को आचरण में लाने का प्रयत्न और देश को विकसित बनाने के संकल्प पर काम करना चाहिए।”
डीएसडब्ल्यू व डीन ने भी किया संबोधित :
इस अवसर पर छात्र कल्याण निदेशक डॉ. रमण कुमार त्रिवेदी ने कहा कि, “स्वामी विवेकानंद का शिकागो में दिया गया भाषण युगों युगों तक विश्व के लोगों को प्रेरित करता रहेगा।”
अपने संबोधन में कम्युनिटी कॉलेज की डीन डॉ उषा सिंह ने कहा कि, “आजादी के बाद राष्ट्र निर्माण में स्वामी विवेकानंद का अतुलनीय अतुलनीय है। हम सबको उनके विचारों से अधिक प्रेरणा लेनी चाहिए।”
विजेता हुए पुरस्कृत :
इसके पुर्व, विश्वविद्यालय के छात्र–छात्राओं के बीच स्वामी विवेकानंद से जुड़े रंगोली, पेंटिंग, क्विज, हिंदी एवं अंग्रेजी भाषण आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। जिसके विजेताओं को कार्यक्रम के दौरान प्रशस्ति पत्र एवं विवेकानंद से संबंधित पुस्तक देकर सम्मानित किया गया।
वैज्ञानिक, प्राध्यापक, पदाधिकारी व छात्र–छात्रा थे मौजूद :
मौके पर डॉ. सुधानंद प्रसाद लाल, स्नातकोत्तर कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. मयंक राय, निदेशक अनुसंधान डॉ. एके सिंह, निदेशक शिक्षा डॉ. उमाकांत बेहरा, निदेशक प्रसार डॉ. रत्नेश झा, पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. राकेश मणि शर्मा, डॉ. शिवपूजन सिंह, डॉ. कुमार राज्यवर्धन सहित कई प्राध्यापक, वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी व छात्र–छात्रा उपस्थित थे।