
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। आप सिर्फ पढ़ाई पर अपना ध्यान केन्द्रित करें और नौकरी की चिंता न करें। इस विश्वविद्यालय में सौ प्रतिशत छात्रो् का प्लेसमेंट होता है। इस विश्वविद्यालय से पास आउट छात्रों के लिए नौकरी की कहीं कोई कमी नहीं है।
डाॅ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित 21 दिवसीय दीक्षारंभ के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ पीएस पाण्डेय ने अपने संबोधन में उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हम तो चाहते हैं कि विश्वविद्यालय के छात्रों को नौकरी देने वाला (जाॅब क्रियेटर) बनने के बारे में सोचना चाहिए।
बताते चलें कि जिले के पूसा स्थित डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में नवांगतुक छात्रों के अनुकूलन हेतु 21 दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के परंपरानुसार अतिथियों के स्वागत सम्मान, के उपरांत मुख्य अतिथि कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डॉ संजय कुमार सिंह एवं कुलपति डाॅ पीएस पाण्डेय आदि द्वारा दीप प्रज्जवलन एवं कुलगीत प्रसारण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
तदुपरांत अपने संबोधन में डाॅ सिंह ने कहा कि पूसा स्थित यह विश्वविद्यालय देश का गौरव है। आप सभी छात्रों को इस बात का गर्व होना चाहिए कि आपका नामांकन देश के ऐसे विश्वविद्यालय में हुआ है जहां से कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान की शुरुआत हुई है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल एग्रीकल्चर, और प्रकृतिक खेती में भी कोर्स शुरू करने वाला यह पहला विश्वविद्यालय है। उन्होंने कहा कि कुलपति डॉ पी एस पांडेय ने दीक्षारंभ की अनूठी शुरूआत की है, यह इतनी अनोखी पहल है कि पहले इसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने सभी कृषि विश्वविद्यालयो् में लागू किया और अब इसे यूजीसी ने देश के सभी विश्वविद्यालयों में लागू कर दिया है।
अपने संबोधन में कुलपति डॉ पी एस पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रों को और किसानों को केंद्र में रखकर सभी निर्णय लिये जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के परिनियमों में भी छात्र हित में सुधार किये गये हैं। जिससे विश्वविद्याल में शैक्षणिक माहौल में गुणात्मक बदलाव आया है जो इसे राष्ट्रीय स्तर पर अलग स्थापित करता है।
इसके पुर्व आगत अतिथियों एवं नव नामांकित छात्रों का स्वागत करते हुए स्कूल आफ एग्री-बिजनेस एंड रूरल मैनेजमेंट के निदेशक डॉ रामदत्त ने छात्रों में जोश भरते हुए कहा कि दुनिया का हर काम तब तक मुश्किल होता है जब तक उसे शुरू नहीं किया जाता। जब आप ठान लेते हैं तो असंभव भी संभव हो जाता है।
कार्यक्रम के आयोजन प्रभारी डॉ रितंभरा ने बताया कि दीक्षारंभ कार्यक्रम 21 दिनों तक चलेगा। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे और छात्रों के साथ संवाद करेंगे। संचालन डॉ कुमारी अंजनी ने किया। इस दौरान डीन पीजीसीे डॉ मयंक राय, डीन बेसिक साइंस डा अमरेश चंद्रा, डीन फिशरीज डॉ पी श्रीवास्तव, पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ राकेश मणि शर्मा, डॉ शिवपूजन सिंह, डॉ कुमार राज्यवर्धन समेत विभिन्न शिक्षक वैज्ञानिक एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।