
ओइनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क सरायरंजन । बेटा बेटी एक समान सिर्फ कहने से हालात नहीं बदलेंगे, इसे जमीन पर उतारने और इसके अनुरूप व्यवहार करने की जरूरत है। जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सचिव सुरेन्द्र कुमार ने उक्त बातें मंगलवार को एक कार्याशाला को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयासों और जागरूकता के कारण हालात बदले हैं मगर आज भी समाज के एक बडे तबके में किया जाने वाला बेटे और बेटियों में फर्क साफ दिख् रहा है।
बताते चलें कि जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, अख्तियारपुर और साऊथर्न वाइसेज फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट के तत्वावधान में सरायरंजन प्रखंड स्थित जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र कार्यालय सभा कक्ष में लैंगिक समानता आधारित सामाजिक सोच को लेकर किशोर-किशोरियों के साथ प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किया गया।
आगत अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला के विधिवत उद्घाटन एंव अतिथयों के स्वागत की औपचारितकता के बादप्रशिक्षक अख्तरी बेगम ने लैंगिक भेदभाव से पड़ने वाले कुप्रभाव से संबंधित विभिन्न प्रकार के गतिविधियों को अपनाते हुए किशोर-किशोरियों जागरूक किया।
इस अवसर पर सामुदायिक कार्यकर्ता राखी कुमारी ने वंचित समुदायों के बीच स्थाई आजीविका न रहनें के कारण व्याप्त सामाजिक कुरीतियों जैसे अशिक्षा, बाल विवाह और बाल श्रम प्रथा पर चर्चा किया।
वहीं संस्था के सचिव सुरेंद्र कुमार ने संस्था का संक्षिप्त इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चे देश का भविष्य है इन्हें बाल अधिकार के सभी आयामों से लैस कराना होगा। बिहार सरकार नें युवा नीति तो बना ली है, लेकिन देश की आधी आबादी युवाओं के रोजी रोजगार का घोर अभाव है।
कार्यशाला में रविन्द्र पासवान, विणा कुमारी, ललिता कुमारी, किरण कुमारी, विभा कुमारी, दिनेश प्रसाद चैरसिया, रामदयाल सहनी, रानी कुमारी समेत अन्य प्रमुख लोगों नें विचार व्यक्त किए। अंत में अपनें अध्यक्षीय उद्बोधन के साथ धन्यवाद ज्ञापन गौरीशंकर चैरसिया नें किया।