
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
राजगीर। संख्या बल में हम कम सही, लेकिन किसी से कम नहीं। हम कम हैं मगर अपना हक लेने का हममें दम है और हम अपना अधिकार ले कर रहेंगे। सुप्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं सामाजिक चिन्तक जगलाल चौधरी की 130वीं जयन्ती के अवसर पर राजगीर के अंतर्राष्ट्रीय काॅन्वेंशन हाॅल में आयोजित जयन्ती समारोह सह राज्य स्तरीय पासी चेतना सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुर्व विधानसभाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने उक्त बातें कही।

उन्होंने कहा कि पासी समाज के कुल गौरव जगलाल बाबू बिहार में जाति व्यवस्था के धुर विरोधी थे। वे जीवन भर दलितों, पिछड़ो, शोषितों, वंचितों व महिलाओं के अधिकारों केलिए लडते रहे। पुर्व विस अध्यक्ष ने कहा कि वे जाति व्यवस्था के कठोर विरोधी थे मगर सामाजिक में सुधार के प्रखर समर्थक थे।

उनहोंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने सभी केलिए समान अधिकार और समान कानून का प्रावधान किया था, मगर आज भी दलित-वंचित-शोषित व पिछड़ा समाज अपने सामाजिक, शैक्षणिक व राजनीतिक अधिकारों से वंचित हैं। बिहार में पासी जाति की जनसंख्या करीब 15 लाख है। यह संख्या कम हो सकती है मगर इतना भी कम नहीं कि हमें हाशिये पर धकेल दिया जाय।
पुर्व विधानसभाध्यक्ष ने कहा कि बिहार की कुल आबादी में करीब एक प्रतिशत की हमारी हिस्सेदारी है, तो उसी अनुपात में हमें भागीदारी मिलना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि हम बौद्धिक रूप से सबल और समर्थ हैं इतिहास इसका गवाह है। हम एकजुट हो कर ठान लें तो सभी दलों को हम हमारी हकमारी करने से रोक सकते हैं।

हमें आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी सभी को देना ही होगा। इसके पहले सर्वप्रथम आगत अतिथियों द्वारा करतल ध्वनि के बीच दीप प्रज्वलित कर समारोह के विधिवत उद्घाटन और अतिथियों के स्वागत सम्मान की औपचारिकता के बाद वक्ताओं ने आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी को अपना हक करार दिया और इसे हासिल करने तक संघर्ष करने का संकल्प लिया।