
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क पूसा । सोमवार को डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के विद्यापति सभागार में क्षेत्रीय अनुसंधान एवं प्रसार सलाहकार समिति के बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक, अधिष्ठाता, निर्देशक एवं विश्वविद्यालय के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों से जुड़े महिला पुरुष किसानों ने भाग लिया।
सबसे पहले कुलपति डाॅ पीएस पाण्डेय के नेतृत्व में आगत अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर बैठक का शुभारंभ किया, तदुपरांत तमाम अतिथियों का शॉल एवं पुष्प गुच्छ आदि से स्वागत और, कुलगीत प्रसारण के साथ बैठक की शुरुआत हुई। इस अवसर पर अपने संबोधन में डाॅ पाण्डेय ने कहा कि शोध की सार्थकता तभी है जब शोध किसानों के फसल हित में किया जाता है।
उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि बैठक के दौरान किसानों के द्वारा प्रस्तुत फसलों में होने वाली समस्याओं को केन्द्र में रख कर वैज्ञानिकों को शोध व अनुसंधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान प्राकृतिक खेती को अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
शिवहर के किसान सच्चिदानंद सिंह ने आलू के प्रभेद के विकसित करने पर अपने विचार व्यक्त किए, वही पश्चिमी चंपारण के किसान संजय कुमार कुशवाहा ने मिर्च व टमाटर के पौधे में होने वाले बंझापन से जुड़े समस्या से सदन को अवगत कराया। इसके अलावा किसानों ने अन्य फसलों में उत्पन्न होने वाली जुड़े अन्य समस्याओं से अवगत कराया।
इस के पुर्व विषय प्रवेश कराते हुए निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ आरके झा ने बैठक के उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा किया। इस दौरान स्नातकोत्तर कृषि महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ मयंक राय एवं निदेशक अनुसंधान डॉ एके सिंह व निदेशक बीज डॉ डीके राय ने बैठक को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ विनीता सत्पथी ने किया।