ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर । किसान मेला 2025 में मशरूम एवं उद्यान से जुड़े प्रदर्शनी, भारतीय कृषि में महिला सशक्तिकरण मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। साथ ही इस बार का मेला का विषय जलवायु अनुकूल कृषि से विकसित भारत की ओर होगा।
डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित पंचतंत्र सभागार में आगामी 15 फरवरी से शुरू हो कर 17 फरवरी तक तक चलने वाले किसान मेला के बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए करते हुए विवि के कुलपति डॉ पीएस पांडेय ने उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने हालिया दिनों में 12 पेटेंट प्राप्त किया है। जो गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों के पास किसानों की समस्याओं से जुड़े ऐसी कई परियोजनायें हैं जिनसे किसानों को निश्चित ही लाभ मिलेगा। इस दौरान उन्होंने 5 म अर्थात 5एम का उल्लेख करते हुए कहा कि समस्तीपुर की परिस्थितिकी को देखते हुए हमने 5 एम पर फोकस किया है। इसकी झलक भी किसान मेले में दिखेगी। 5 एम में मशाला, मखाना, मत्स्य, मिडिया सेंटर व मशरूम शामिल हैं।
कुलपति ने कहा कि डाॅ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के विकास यात्रा का उल्लेख मशरूम अनुसंधान केन्द्र की चर्चा के बिना अधूरी रहेगी। विवि के मशरूम विभाग के निरंतर नवोन्मेषी अनुसंधानों के कारण मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बिहार प्रथम स्थान पर है।

मीडिया सेंटर के बारे में उन्होंने बताया कि रेडियो स्टेशन के शुरू होने से दस किलोमीटर के परिधि के किसानों को खेती से जुड़े जानकारी मिल रही है। शीघ्र ही हम किसान चैपाल आदि रोचक व ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों को शामिल करेंगे।
उन्होंने ने कहा कि मरिचा धान के जीआईं टैग मिलने से उसके उत्पाद का मुल्य संवर्धन हुआ है। उन्होंने ने कहा कि प्रधानमंत्री के नमों दीदी योजना के तहत महिलाओं ने ड्रोन पायलट प्रशिक्षण को प्राप्त किया है। जो प्रेरणा दायक है।
कुलपति ने बताया कि इस वर्ष किसान मेला में रिकार्ड दस हजार किसानों के आने की संभावना है। मेला में कृषि उपकरणों, कृषि उपयोगी उत्पादों, कृषि उत्पादों, विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी सहित 180 से अधिक स्टॉल होंगे।

कार्यक्रम की रूप रेखा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मेला के प्रथम दिन उद्धघाटन स्थानीय विधायक सह सुचना जनसंपर्क मंत्री महेश्वर हजारी के द्वारा किया जाएगा। तदुपरांत मेले के थीम पर चर्चा परिचर्चा की होगी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के सहयोग से फुल से जुड़े उद्यमिता के विकास पर कार्य किया जाएगा। साथ ही डाॅ पाण्डेय ने श्री अन्न से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी संवाददाताओं से साझा की।
मौके पर निदेशक प्रशार शिक्षा डॉ मयंक राय, डॉ रत्नेश कुमार झा, डॉ विनीता सतपथी, डॉ रामदत, सुचना पदाधिकारी डॉ कुमार राज्यवर्धन उपस्थित थे।