
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 डेस्क पूसा । डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के विद्यापति सभागार में अनुसूचित जाति के लिए औषधीय एवं सगंधीय पौधों से जुड़े विषय पर क्रेता विक्रेता बैठक का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि सहित कुलपति ने दीप प्रज्वलित कर किया। तदुपरांत स्नातकोत्तर महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ मयंक राय ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बैठक के उद्देश्य से अवगत कराया।
बैठक के बारे में जानकारी देते हुए औषधीय एवं सगंधीय पादप अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ मनीष दास ने कहा कि आज की इस क्रेता विक्रेता बैठक में विभिन्न राज्यों के सोलह से अधिक बडी कंपनियों के प्रतिनिधि और बिहार के लगभग सभी जिलों के औषधीय पौधों से जुड़े किसानों का एक अनूठा मिलन है।
उन्होंने ने कहा कि निश्चित ही इस मिलन कार्यक्रम के परिणामस्वरूप आने वाले दिनों में राज्य के उत्पादो को एक बड़ा बाजार मिलेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआरपीसीएयू के कुलपति डॉ पीएस पांडेय ने कहा कि औषधीय एवं सगंधीय पौधों एवं इनके उत्पादों की विश्व भर में मांग है।
आंकड़ों के मुताबिक इसका बाजार लगभग तीन सौ अरब डॉलर से ज्यादा का है जो लगातार बढ़ रहा है। लेकिन किसानों को इसके विषय में समुचित जानकारी नहीं है, जिसके कारण उनको अपने उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इसी तथ्य को ध्यान में रखकर क्रेता और विक्रेता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का महत्व अब दुनिया भर के लोग न सिर्फ समझ रहे हैं बल्कि महसूस भी कर रहे हैं। खासकर कोरोना काल में इसको लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। जिस कारण औषधीय उत्पादों की मांग भी बढ़ी है।
डाॅ पाण्डेय ने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक बिहार में किसानों को प्रशिक्षित कर रहे हैं और साथ में उनके उत्पादों को भी उचित दाम मिले इसको लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होने कहा कि इस बैठक के दौरान किसान और खरीददार एक साथ बैठकर एक दूसरे की समस्याओं को समझेंगे और आने वाले समय में अपने उत्पाद के व्यापार को लेकर समझौता करेंगे।
उन्होंने कहा कि बिहार में औषधीय पौधों के उत्पादन में यह बैठक एक मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर उपस्थित सह महानिदेशक डॉ अनिल राय ने विश्वविद्यालय के कुलपति के प्रयासों की सराहना की और आईसीटी के क्षेत्र में चल रहे प्रयासों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान उपस्थित आरसीएफसी कोलकाता के क्षेत्रीय निदेशक डॉ सौम्यजीत विश्वास, एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में प्रधान वैज्ञानिक डॉ राम सुरेश शर्मा ने विषय से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी। निदेशक अनुसंधान डॉ एके सिंह ने कार्यक्रम के दौरान अनुसंधान में हो रही प्रगति की जानकारी दी और औषधीय पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से विकसित हर्बल चाय, राजेन्द्र हर्बल टी को भी लांच किया गया। इस हर्बल टी का उत्पादन डॉ दिनेश राय के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान संचालन डॉ ईश प्रकाश ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ दिनेश राय ने किया। मौके पर डॉ शिवपूजन सिंह, डॉ मिनातुल्ला, डॉ महेश कुमार, डॉ कुमार राज्यवर्धन सहित शिक्षक वैज्ञानिक एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।