
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 मोहिउद्दीन नगर। “अज्ञानता की अंधियारी रात में परमात्मा का दिव्य अवतरण होता है, इसलिए इस पर्व को शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। आज जो मनुष्य के जीवन में दुःख, अशांति, चिंता, भय, निराशा आदि का अंधकार व्याप्त है, उससे केवल परमात्मा के द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर ही चिर काल के लिए मुक्ति पाई जा सकती है।”
बुधवार को स्थानीय सेवा केंद्र द्वारा आयोजित 90वां शिव जयन्ती महोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए बीके सविता बहन ने उक्त बातें कही।
ज्ञान, शान्ति, प्रेम, पवित्रता, सुख, आनंद आदि परमात्मा का वरदान :
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि, “ज्ञान, शान्ति, प्रेम, पवित्रता, सुख, आनंद- यह सब परमपिता परमात्मा शिव का हम आत्मा रुपी संतानों के लिए वरदान है। अर्थात् जब से हम उनके बने यह गुण अधिकार के रूप में हमारे अपने हो गए। जैसे–जैसे हम राजयोग द्वारा उनसे संबंध जोड़ते हैं, वैसे–वैसे हमें इन गुणों की अनुभूति होने लगती है, आत्मा शुद्ध होने लगती है।”
बताते चलें कि, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के थाना चौक स्थित स्थानीय सेवा केंद्र द्वारा मंगल भवन में बुधवार को 90वां शिव जयन्ती महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ समारोह पूर्वक मनाया गया।
उद्घाटन :
इस अवसर पर सर्वप्रथम परंपरानुसार अतिथियों के स्वागत सम्मान के बाद समस्तीपुर से पधारी सविता बहन, ओम प्रकाश भाई, आयकर अधिवक्ता डीके सिंह, मनियर मठ के मठाधीश विष्णु देवानंद ज्योति, पूर्व प्रधानाध्यापिका विमला देवी ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया।
भगवान से अपना सत्य संबंध जोड़ने का समय :
अपने संबोधन में बीके ओम प्रकाश भाई ने उपस्थित लोगों को इस पावन दिवस की बधाई देते हुए कहा कि शिवलिंग निराकार परमपिता परमात्मा शिव के ज्योति स्वरूप का यादगार है। उनके ऊपर भांग-धतूरा आदि विषैली चीजें चढ़ाने का तात्पर्य है- अपनी बुराइयां परमात्मा को अर्पित करना। जलाभिषेक करना परमात्मा के प्रति हमारे समर्पण का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि, “यदि हम सही अर्थों में इस महान त्यौहार को मनाएं तो भोलेनाथ शिव बाबा प्रसन्न होकर हमें नए सतयुगी दुनिया में चलने का वरदान देंगे। जहां हमारी काया निरोगी, जीवन धन-धान्य संपन्न और संबंध अति सुखदायी होंगे। इसलिए यही समय है भगवान से अपना सत्य संबंध जोड़ने का।”
आध्यात्मिक ज्ञान और मेडिटेशन के द्वारा लोगों का हो सकता है भला :
आयकर अधिवक्ता डीके सिंह ने कहा कि ईश्वरीय विश्व विद्यालय विश्व शान्ति स्थापना में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज के समय में चिंता, निराशा, भय, दुःख बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे समय पर आध्यात्मिक ज्ञान और मेडिटेशन के द्वारा लोगों का बड़ा भला हो सकता है, जो यह संस्थान अपने विश्वव्यापी सेवाकेंद्रों के माध्यम से भली-भांति कर रहा है।
सेवाकेंद्र आने का आह्वान :
मंच संचालन करते हुए बीके आशा बहन ने कहा कि, “जिन्हें हम जन्म-जन्म से पुकारते हैं वह परमपिता परमात्मा स्वयं हमारी पुकार सुनकर इस धरती पर आ चुके हैं और हमारी सारी मनोकामनाएं अनेकानेक जन्मों के लिए पूरी कर रहे हैं।” इस दौरान उन्होंने समस्त प्रखंड वासियों से परमात्मा से अधिकार के रूप में वरदान प्राप्त करने के लिए सेवाकेंद्र आने का आह्वान किया।
समापन :
कार्यक्रम के अंत में शिव ध्वजारोहण और प्रसाद वितरण किया गया। समारोह में मुख्य रूप से ब्रजेश भाई, राजबीर भाई, शशि रंजन भाई, सतेंद्र भाई सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
