
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। डॉ० राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केन्द्र बिरौली में शनिवार को अखिल भारतीय आलू अनुसंधान परियोजना के अनुसूचित जाति उपयोजना के अन्तर्गत, एक दिवसीय प्रशिक्षण सह आलू बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में आलू के उन्नत प्रभेदों, शस्य क्रियाएँ, रोग प्रबंधन आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर केविके बिरौली के अध्यक्ष वरिय वैज्ञानिक डॉ० आर.के. तिवारी ने भारत सरकार की अनुसूचित जाति उपयोजना के महत्य के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति के उत्थान हेतु इस उपयोजना को चलाया जा रहा है। इसी के तहत आलू के उन्नत प्रभेद कुफरी नीलकंठ के गुणवत्तापूर्ण बीज का प्रत्यक्षण अनुसूचित जाति के चयनित किसानों के यहाँ दिया गया।
वहीं ढोली स्थित तिरहुत कृषि महाविद्यालय के आलू शाखा में कार्यरत वैज्ञानिक व मुख्य अन्वेषक डाॅ० आशीष नारायण ने आलू की विभिन्न प्रभेदों के बारे में जानकारी दी। जबकि शस्य वैज्ञानिक डॉ० अमरेन्द्र कुमार द्वारा आलू में की जाने वाली शस्य क्रियाओं, पोषक तत्व प्रबंधन, रोग एवं कीट प्रबंधन के बारे में बताया।
डॉ० धीरू कुमार तिवारी द्वारा आलू में जैव उर्वरकों के उपयोग खासकर पी.एस.बी. से कंद उपचार करने पर जोर दिया गया। सिंचाई प्रबंधन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि आलू में हल्की सिंचाई की आवश्यकता होती है। इसलिए खेत में पानी नहीं लगाना चाहिए।