
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 ओईनी। “मैथिल कोकिल, मैथिली कुलभूषण महाकवि विद्यापति की जन्म भूमि और महाप्रयाण स्थली को जो पहचान और प्रतिष्ठा मिली उसकी तुलना में ओईनी को समुचित सम्मान नहीं मिला। जबकि इतिहासकार बताते हैं कि, 5 साल की उम्र में पिता के साथ यहां आने के बाद बचपन से अधेड़ावस्था तक का समय उन्होंने यहीं बिताया था। इतना ही नहीं कीर्ति लता, कीर्ति पताका, सहित कालजयी कृति पदावली की रचना उन्होंने यहीं की थी।”
इस स्थान को जीवंत बनाए रखने के प्रयास में जुटे युवाओं को देखना सुखद :
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान पार्षद चुनाव की तैयारियों में जुटे शिक्षाविद सह होली मिशन हाई स्कूल ग्रुप के प्रबंध निदेशक डॉ. धर्मांश रंजन अंकुर ने उक्त बातें महानवमी पूजन के बाद आयोजित सम्मान समारोह के दौरान उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि यह देख कर बेहद खुशी हो रही है कि, चैती दुर्गा पूजा के बहाने ही सही यहां के युवा इस स्थान को जीवंत बनाए रखने के प्रयास में जुटे हैं।
पूजा समिति के सभी सदस्यों व टीम शहनाई को किया सम्मानित :
बताते चलें कि, श्री अंकुर चैती दुर्गा स्थान के महिमा की चर्चा सुन कर ओईनी पधारे थे। इस दौरान उन्होंने आईनी को जीवंतता प्रदान करने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास में जुटे युवाओं यथा, धनंजय कुमार झा, कुमार विकास, चंदन कुमार झा, टीम शहनाई के डॉ. नीरज मिश्रा, एवं मिथलेश कुमार सहित पूजा समिति के सभी सदस्यों की जम कर सराहना की और उन्हें अंग वस्त्र से सम्मानित किया।
सहयोग का आश्वासन :
इस दौरान उन्होंने कहा कि, इस स्थान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में हर संभव सहयोग करूंगा। मौके पर राकेश ठाकुर, सचिन जायसवाल, शुभम जायसवाल, अरुण कुमार शर्मा, सुधांशु कुमार मुंशी, मोनी पासवान, श्याम कुमार, निशांत कुमार, सुशांत कुमार, अभिषेक कुमार बिट्टू, देबू राय, हरिओम कुमार, अमर कुमार, सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।