
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली में किसान सम्मान निधि योजना के तहत 21वीं किस्त जारी होने के अवसर पर प्रधानमंत्री के सीधा संवाद का प्रसारण किसानों के बीच में प्रसारित किया गया।
इस कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि डॉ अनिल प्रसाद, सचिव, मानवाधिकार संगठन, बिहार, डॉ० जनार्दन जी, उपाध्यक्ष भारतीय आलू संगठन शिमला, राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्यागिकी उध्यमशिलता एवं प्रबंधन संस्थान, कुण्डली के सहायक प्रध्यापक डॉ० नितीन एवं डॉ० शेखर अग्निहोत्री शामिल हुए। डॉ० आर. के. तिवारी, वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान, कृषि विज्ञान केन्द्र, बिरौली ने सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं इस कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन से किया।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्यागिकी उद्यमशिलता एवं प्रबंधन संस्थान, (निफ्टेम) कुण्डली के 09 विद्यार्थियों के साथ 153 किसानों ने भाग लिया। इस कृषक गोष्ठी में किसानों को आलू की वैज्ञानिक खेती के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि आलू की खेती में सर्वप्रथम जरूरी है कि उच्च्च गुणवत्ता वाली बीज की उपलब्धता हो सके।
इस दौरान डाॅ जनार्दन ने आलू के मुख्य प्रभेद जैसे कुफरी ज्योति. कुफरी पुखराज, कुफरी ख्याति, कुफरी माणिक, कुफरी नीलकंठ के बारे में एवं आलू के पोषक तत्त्व प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दिया। साथ ही आलू में लगने वाली मुख्य बीमारी एवं उसके निराकरण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम में डॉ० नितीन, ने किसानों को संबोधित करते हुए खाद्य प्रसंस्करण की महत्ता के बारे में बताया। उन्हेांने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्यागिकी उद्यशीलता एवं प्रबंधन संस्थान, कुण्डली (निफ्टेम) ग्राम अडोप्शन कार्यक्रम 2025 के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र के तकनीकि सहयोग से एक गाँव को गोद लेंगे एवं 10 दिनों तक उस गाँव का सर्वे करेंगे और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में जो कमियों एवं अवसर पर काम करेंगे। इस अवसर पर डॉ० अनिल प्रसाद, डॉ० शेखर अग्निहोत्री ने भी किसानों को संबोधित किया।
इस अवसर पर कृ.वि.के, बिरौली के सभी कर्मी ई. विनिता कश्यप, डॉ० धीरू कुमार तिवारी, सुमित कुमार सिंह, श्रीमती निशा रानी इत्यादि मौजूद थे।