
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
सुभाष चन्द्र कुमार
समस्तीपुर । डाॅ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविधालय स्थित परिसर में आयोजित तीन दिवसीय किसान मेला में मुख्य आकर्षण का केंद्र विश्वविद्यालय की खास पेशकश जलवायु अनुकूल कृषि से विकसित भारत की ओर होगा। हर वर्ष आयोजित होने वाला किसान मेला इस बार 15-17 फरवरी को आयोजित मेले का मुख्य विषय जलवायु अनुकूल कृषि रखा गया है।
किसान मेला की तैयारियों को लेकर कुलपति डॉ. पीएस पाण्डेय के मार्गदर्शन में निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ मयंक राय, शश्य विज्ञान विभाग के प्राध्यापक सह जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केंद्र के निदेशक डॉ.रत्नेश कुमार झा एवं वैज्ञानिक सह समन्वयक डॉ. विनीता सतपथी के नेतृत्व में 25 से ज्यादा कमिटी मेले की शत-प्रतिशत सफलता को लेकर कार्य में जुटी है। मेले में कई कृषि उत्पाद की कंपनियां हिस्सा लेंगी और किसानों केलिए विभिन्न फसलों की नई और उन्नत किस्मों के बीज उपलब्ध होंगे। इस मेले में देश भर से करीब 25 से 30 हजार किसानों के आने की संभावना है। किसान मेला में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद व विवि से जुड़े संस्थानो के अलावा उद्यानिकी, बीज, पेड़ पौधे, कृषि यंत्र समेत आधुनिक तकनीक व कृषि से जुड़े स्टॉल लगाये जा रहे हैं।
इस वर्ष मेले का मुख्य आकर्षण मवेशी एवं कुत्ते का प्रदर्शनी (नस्लों का एक रोमांस करी प्रदर्शन), उद्योग प्रदर्शनी (आधुनिक तकनीक के साथ भविष्य का अनुभव ले), फल प्रदर्शनी (देसी से लेकर विदेशी तक उत्तम फल), औषधीय एवं सुगंधित पौधे (हर्बल खजाने का लाभ लें), गुड़ एवं शहद का प्रदर्शनी (स्वास्थ्य एवं जीवन शैली), किसान गोष्ठी (किसान- वैज्ञानिक संवाद), प्लांट क्लीनिक एवं मृदा प्रशिक्षण (स्वस्थ फैसले उगाएं), बीज प्रदर्शनी (विविधता और बिक्री), कृषि ज्ञान वाहन (आईसीटी सक्षम वाहन), मशरूम और बाजार (प्रभेद और मूल्यवर्धित उत्पाद), सब्जी एवं पुष्प प्रदर्शनी, कृषि उद्यमिता है। किसान मेला में किसानों के लिए सशुल्क भोजन और आवासीय सुविधा विवि उपलब्ध करायेगी।