
ओइनी न्यूज नेटवर्क।
पूसा । डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के विद्यापति सभागार में नवनियुक्त प्राध्यापकों के लिए आयोजित फैकल्टी इंडक्शन कार्यक्रम गुरु दक्षता का समारोहपूर्वक समापन किया गया। अतिथियों के स्वागत सम्मान एवं कुलगीत प्रसारण के उपरांत मुख्य अतिथि रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी के पूर्व कुलपति पद्मश्री डॉ अरविन्द कुमार एवं स्थानीय विवि के कुलपति डाॅ पीएस पाण्डेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅ अरविन्द ने कहा कि विश्वविद्यालय में पहली बार एक महीने का गुरु दक्षता कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि कुलपति डॉ पीएस पांडेय के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में अस्सी से अधिक नये फैकल्टी की नियुक्ति किए गये हैं और उन्हें शिक्षण, अनुसंधान, प्रशासन और वित्त से संबंधित एक महीने का कठोर प्रशिक्षण दिया गया है।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी पुरानी पीढ़ी से ज्यादा सक्षम है और उन पर 2047 तक देश को विकसित बनाने की जिम्मेदारी है। इसलिए उन्हें काफी परिश्रम करना होगा। उन्होंने नये सदस्यों से अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि अपने जीवन में अनुशासन और ईमानदारी को सबसे ज्यादा महत्व दें जिससे छात्रों को भी प्रेरणा मिल सके। इस दौरान उन्होंने जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक खेती व पंचामृत से जुड़े चर्चा किया।
स्थानीय कुलपति डॉ पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय में नये फैकल्टी के आने से काम के कुशलता और शिक्षण की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आयेगा। उन्होंने कहा कि सभी संकाय सदस्यों को मन में संकल्प लेना चाहिए कि देश सबसे प्रथम है।
उन्होंने कहा कि एक समय नालंदा विश्वविद्यालय में दुनिया भर के छात्र आते थे। हमें बिहार के उस खोये गौरव को फिर से प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि गुरु दक्षता कार्यक्रम का मूल उद्देश्य सभी नये संकाय सदस्यों को दक्ष बनाना है ताकि उन्हें शिक्षण, शोध, वित्तीय एवं प्रशासनिक मामले में कोई परेशानी न हो। इस कार्यक्रम में वर्क लाइफ बैलेंस, संचार कौशल तथा अन्य साफ्ट स्किल को भी शामिल किया गया था।
राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ एचपी सिंह ने कहा कि पूसा अब एक मिनी भारत हो गया है जहां देश के लगभग हर राज्य के छात्र और शिक्षक रहते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पुराने संकाय सदस्यों के लिए भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होना चाहिए ताकि उनके व्यक्तित्व का भी विकास हो सके।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कृषि व्यवसाय एवं ग्रामीण प्रबंधन स्कूल के निदेशक डॉ रामदत्त ने कहा कि देश और विदेश के लगभग सौ से अधिक प्रख्यात लोगों ने विभिन्न विषयों पर नये संकाय सदस्यों के साथ संवाद किया जो ऐतिहासिक है। इस तरह का कार्यक्रम में विश्वविद्यालय में पहली बार आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नये संकाय सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अंत में निदेशक शिक्षा डॉ यूके बेहरा ने धन्यवाद ज्ञापन किया वहीं मंच संचालन डॉ मीनाक्षी द्विवेदी ने किया।
मौके पर निदेशक अनुसंधान डॉ एके सिंह, डीन इंजीनियरिंग डॉक्टर राम सुरेश राय, डीन कम्युनिटी साइंस डॉ उषा सिंह, डीन डॉ पीपी श्रीवास्तव, पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ राकेश मणि शर्मा, डॉ शिवपूजन सिंह, डॉ नीरज कुमार, डॉ महेश कुमार समेत विभिन्न शिक्षक वैज्ञानिक एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।