
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केन्द्र, बिरौली द्वारा उर्वरक अनुज्ञप्ति हेतु समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर आयोजित 15 दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार को सफलता पूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 30 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।
समेकित पोषक तत्व प्रबंधन आवश्यक : डॉ बेहरा
अतिथि के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ आरंभ समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के निदेशक (शिक्षा) डॉ. यू.के. बेहरा ने अपने संबोधन में मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन को अत्यंत आवश्यक बताया।
मृदा का स्वास्थ्य :
उन्होंने कहा कि, “रासायनिक, जैविक एवं प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त उर्वरक के संतुलित प्रयोग से न केवल फसल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि मृदा का स्वास्थय भी ठीक रहता है और भूमि की उर्वरता भी दीर्घकाल तक सुरक्षित रहती है।” इस क्रम में उन्होंने फसल अवशेष के समुचित प्रबंधन के द्वारा मृदा के स्वास्थ्य को ठीक करने के बारे में भी बताया।
प्रशिक्षण की सार्थकता और सफलता कब? :
इसी क्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, बिरौली के प्रमुख डॉ. आर.के. तिवारी ने प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षणार्थियों से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, “प्रशिक्षण की सार्थकता और सफलता तब ही है जब प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारियों का व्यवहारिक रूप में लाभ लिया जाए।”
विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिक हुए शामिल :
बताते चलें कि प्रशिक्षण के दौरान अलग-अलग संस्थानों के वैज्ञानिकों ने भी व्याख्यान दिए। जिन्होंने प्रशिक्षुओं को कई उपयोगी और शोध परक जानकारियां दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. धीरु कुमार तिवारी द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन निशा रानी ने प्रस्तुत किया।
प्रशिक्षण रहा ज्ञान वर्धक और उपयोगी :
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उर्वरकों के समुचित उपयोग, मृदा परीक्षण, जैव उर्वरक तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के समापन पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किया गए। इस दौरान प्रशिक्षु किसानों ने प्रशिक्षण को ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया।