
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। आपको यह समझना चाहिए कि आप विशिष्ट है, तभी कृषि शिक्षा व अनुसंधान के तीर्थ के रूप में देश भर में प्रतिष्ठित इस केंद्रीय विश्वविद्यालय में अपनी जगह बना पाये हैं। डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में दीक्षारंभ के 10 वें दिन केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ पीएल गौतम ने नवांगतुक छात्रों को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि नवोन्मेषी सोच से ओतप्रोत कुलपति डॉ पीएस पांडेय ने पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय का जिस तरह से विकास किया है वह अनूठा और अद्भुत है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय ने कई क्षेत्रों में पूरे देश भर के विश्वविद्यालयों को राह दिखाई है।
दीक्षारंभ की शुरुआत डॉ पांडेय की संकल्पना है जिसे आज देश भर के विश्वविद्यालय में लागू कर दिया है। इसी तरह प्राकृतिक खेती में स्नातक कोर्स शुरू करने वालायह पहला विश्वविद्यालय भी है। कुलपति डॉ पांडेय की अध्यक्षता में ही देश भर के विश्वविद्यालय के लिए इस कोर्स का सिलेबस बनाया गया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल एग्रीकल्चर और ड्रोन ट्रेनिंग एवं मेंटेंनेंस में भी यह विश्ववि़द्यालय पूर्वी भारत को राह दिखा रहा है।
इन्हीं सब कारणों से कृषि मंत्रालय ने भी जब कृषि वैज्ञानिकों को किसानों के दरवाजे तक भेजा तो उस कार्यक्रम के पूर्वी भारत की कमान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पांडेय को दी गई और इसी विश्वविद्यालय में इसका कमांड रूम स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि डाॅ पाण्डेय के नेतृत्व में आप भी देश ही नहीं पूरी दुनिया को नई राह दिखा सकते हैं। सिर्फ साधारण से हटकर विशिष्ट सोचना होगा, विशिष्ट करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान सबसे पहले कुलपति डॉ पांडेय ने छात्रों से कुलाधिपति का परिचय कराया। कुलपति डॉ पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों का है। वे पूरा प्रयास करते हैं कि छात्रों को किसी तरह की कोई समस्या न हो। लेकिन जिस तरह परिवार में की बार समस्या हो जाती है उसी तरह विश्वविद्यालय परिवार में भी कभी कभी कुछ समस्या हो सकती है। ऐसे में समस्याओं से सभी छात्र शांति और सहयोग की भावना से निबटें।
उन्होंने शिक्षकों और वैज्ञानिकों से भी आग्रह किया कि वे सभी विद्यार्थियों को अपने परिवार का ही अंग मानें। इसके पुर्व कुलसचिव डॉ पीके प्रणव ने स्वागत भाषण दिया जबकि डॉ रितंभरा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।