
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर । भारतीय रेल में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। एक तरफ सरकार रेल को निजी हाथों में देने को विकास कह कर खुश है, वहीं सुखद यात्रा मुस्कान के साथ का स्लेागन चिपकाने वाली रेल में यात्रियों की जान सांसत में रहती है। किराये बेतहाशा बढे जा रहे हैं मगर सुविधा में कोई बडा बदलाव नहीं दिख रहा है।

स्टेशन सज रहे हैं, कुशल व समर्पित कर्मी घट रहे हैं। निजी कंपनियों के सहारे स्टेशन पर सुविधायें भी कमोबेश बढ रही हैं, मगर निजी कंपनियों द्वारा नियुक्त मेंटेनेंस कर्मियों की लापरवाही चरम पर हैं। फलतः यात्रियों को एक जगह से दूसरे जगह सुरक्षित पहुंचाने में रेल विभाग के हाथ-पांव फूल रहे हैं फिर तो यात्रियों की सुरक्षा राम जी के भरोसे ही कही जायेगी।
कभी ट्रेन चलते-चलते अचानक इंजन कुछ डिब्बों को लेकर आगे बढ जाती है, कभी ट्रेन के अंदर का कोई हिस्सा यात्री के उपर गिर जाता है। ट्रेनें कभी आपस में ही गले मिलने को बेताब हो जाती हैं तो कभी चलते-चलते इंजन आगे बढने से इंकार कर देता है। शौचालय की दशा तो पूछिए मत कई बार तो एसी बोगी में भी पानी नदारद होता है शेष बोगियों की कल्पना सहज ही की जा सकती है। दस गुना अधिक महंगा टिकट लेकर भी यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकेगा इसकी कोई गारंटी नहीं।

बहरहाल, मंगलवार को एक बार फिर एक ट्रेन बडे हादसे का शिकार होने से बच गई। जब जयनगर से चल कर पटना को जाने वाली पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 15549 के पीछे के एक बोगी के पहिया से जोरदार आवाज और चिंगारी के साथ धुआं निकलने लगा। गाडी समस्तीपुर से खुल कर खुदीराम बोस पूसा स्टेशन से निकल गई। इसी बीच उक्त बोगी से चिंगारी और धुआं निकलते देख यात्रियों ने शोर मचाना शुरू किया। धुआं की जानकारी मिलने पर चालक ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए तत्काल आउटर सिग्नल पर गाड़ी को रोक दिया।

गाडी अचानक रूकने पर यात्रियों के बीच गाड़ी में आग लगने की अफवाह फैल गई। जिससे अफरातफरी का माहौल बन गया। यात्री ट्रेन से कूदकर इधर उधर भागने लगे। इस क्रम में कुछ यात्रियों के चोटिल होने की खबर है। इसी दौरान दूसर ट्रैक से गुजर रहे एक मालवाहक ट्रेन के चालक ने सूझ बुझ का परिचय देते हुए गति को धीमा कर हॉर्न देते हुए निकली। जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।दूसरी ओर इंटरसिटी ट्रेन के ड्राईवर एवं गार्ड ने गाड़ी से निकल रहे धुआं पर काबु कर लिया और चालक ने इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन को दुबहा स्टेशन पर पहुंचाया।
जानकार सुत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ब्रेक बाइंडिंग के कारण ब्रेक पहिया के टायर से चिपकने पर चिंगारी और धुआं निकलने लगता है। यह घटना मेंटेनेंस कर्मियों की लापरवाही का आईना है।
बहरहाल एक बडा हादसा होते होते टल गया, और करीब 40 मिनट बाद समस्या का समाधान होने पर गाड़ी गन्तव्य की ओर रवाना हुई। आरपीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक दुबहा स्टेशन पर इंटरसिटी ट्रेन लगभग 10.54 में पहुँची थी, तथा समस्या को दूर करने के बाद 11.35 में पटना केलिए रवाना हुई।