
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 डेस्क समस्तीपुर । बिहार में आज भी बकरी पालन एक बडी आबादी के आजीविका का मुख्य साधन हैं। बकरी पालन में स्वरोजगार एवं समृद्धि की असीम संभावनाओं को देखते हुए सरकार के द्वारा इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी क्रम में डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली में 25 अगस्त से ग्रामीण युवकों और युवतियों के लिए वैज्ञानिक विधि से बकरी पालन विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया।
इस बाबत जानकारी देते हुए केवीके बिरौली के अध्यक्ष डाॅ आरके तिवारी ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बकरी पालन के द्वारा अपने आजीविका में सुधार लाना है तथा किसाना की आय में वृद्धि करनी है। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान बकरियों के विभिन्न नस्ल, बकरियों के आवास व्यवस्था, उनके नस्ल आधारित बीमारियों तथा उसकी रोकथाम एवं सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में समस्तीपुर जिले के लगभग 10 प्रखंडों से प्रतिभागी सहित कुल 50 प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।
बताते चलें कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर मनीष कुमार, एवं डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में पशु वैज्ञानिक डॉक्टर प्रदीप राम, डॉक्टर वीके गोंड एवं डॉक्टर आरके तिवारी बकरी पालन में वैज्ञानिक तकनीक के प्रयोग एवं इससे होने वाले विभिन्न लाभों के बारे में जानकारी देंगे।