
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। सदर अस्पताल में हड्डी रोग पीड़ित मरीजों, मूत्र संबंध संबंधी रोगों और गोली लगने के मामलों अब रेफर नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि शीघ्र ही अस्पताल में अत्याधुनिक सी-आर्म मशीन की स्थापना की जाएगी। जिससे इलाज के दौरान शरीर के अंदर की स्थिति को लाइव स्क्रीन पर देखा जा सकेगा और जटिल से जटिल पूरी सटीकता के साथ अपेक्षाकृत कम समय में किया जा सकेगा।
उक्त जानकारी देते हुए डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि इस मशीन की मदद से मामूली से लेकर गंभीर फ्रैक्चर, सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों और आपातकालीन स्थिति में गोली लगने वाले जटिल मामलों का इलाज सदर अस्पताल में ही हो सकेगा।
इस मशीन के कारण चिकित्सकों को सटीक जगह पर उपचार करने में आसानी होगी और इससे ऑपरेशन में समय कम लगेगा, अधिक चीरा लगाए बिना ऑपरेशन के सफलता की दर भी बढ़ेगी और मरीज को अपेक्षाकृत शीघ्र छुट्टी मिल सकेगी।
उन्होंने बताया कि अब तक मशीन के अभाव में ऐसे मरीजों को हायर संस्थान या निजी अस्पताल रेफर करना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी।
सी-आर्म मशीन से इलाज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बहुत कम चीरा लगाकर दूरबीन के माध्यम से स्क्रीन पर देखकर प्लास्टर और ऑपरेशन किया जाता है।पारंपरिक तरीके से किए जाने वाले ऑपरेशन में जहां अधिक समय लगता है, वहीं इस आधुनिक मशीन की मदद से इलाज अपेक्षाकृत कम समय में पूरा हो जाता है।
डीएस डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि एमसीएच के शुरू होने के बाद महिला प्रसव, एसएनसीयू, पीकू और एनआरसी वार्ड को उसमें शिफ्ट किया जाएगा। इससे सदर अस्पताल में जगह की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी। इसके बाद सी-आर्म मशीन को ऑपरेशन थिएटर में स्थापित कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल में शहर और जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा आसपास के जिलों से भी हड्डी फ्रैक्चर और गोली लगने के मरीज नियमित रूप से आते हैं। मशीन उपलब्ध न होने के कारण इलाज में परेशानी होती थी, लेकिन सी-आर्म मशीन लगने के बाद ऐसे मामलों में स्क्रीन पर स्थिति देखकर आसानी से ऑपरेशन होगा।