
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। पिछले 3-4 दिनों में उत्तर बिहार के तराई एवं मैदानी जिलों के अनेक स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा हुई है तथा पूर्वानुमानित अवधी में भी भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है। जिसके कारण खेतों में जल जमाव की स्थिति बन सकती है।
ऐसे में किसान भाईयों को सलाह दी जाती है कि खड़ी फसलों एवं सब्जियों के खेतों से जल के निकासी की व्यवस्था करें। ताकि कटुवर्गीय सब्जियों को उपर चढ़ाने की व्यवस्था करें ताकि वर्षा से सब्जियों की लत्तर को गलने से बचाया जा सकें।
सब्जियों की नर्सरी में लाही, सफेद मक्खी व चूसक कीड़ों की निगरानी करें। ये कीट विषाणु जनित रोग के लिए वाहक का काम करते है। इससे बचाव के लिए इमिडाक्लोरोप्रिड दवा का 0.3 मी.ली. प्रति लीटर पानी की दर से घोल कर आसमान साफ रहने पर छिड़काव करें।
फूलगोभी की पूसा अगहनी. पूसी, पटना मेन, पूसा सिन्थेटिक 1. पूसा शुभ्रा, पूसा शरद, पूसा मेधना, काषी कुयौरी एवं अर्ली स्नोवॉल आदि किस्मों की रोपाई फिलहाल स्थगित रखे। बोरान तथा मॉलिब्डेनम तत्व की कमी वाले खेत में 10-15 किलो ग्राम बोरेक्स तथा 1 किलोग्राम सोडियम मालिब्डेट या अमोनियम मालिब्डेट का व्यवहार खेत की तैयारी के समय करे।
अगात रोपी गयी फूल गोभी में पत्ती खाने वाली कीट (डायमंड बैंक मॉथ) की निगराणी करे एवं प्रकोप दिखाई देने पर वचाव हेतु स्पेनोसेड दवा एक मी०ली० प्रति 4 लीटर पानी में दो तीन दिन के बाद आसमान साफ रहने पर छिड़काव करें।
अगात मूली की बुआई दो तीन दिन के बाद करें। इसके लिए पूसा चेतकी, पूसा देषी, पूसा हिमानी, जौनपुरी जापानी सफेद, पूसा रष्भि, जापानी सफेद, पंजाब सफेद, अकी निषान्त आदि प्रभेद अनुशंसित है। बीजदर 4 से 5 कि०ग्रा० प्रति हेक्टेयर तथा 25 × 10 से०मी० की दूरी पर बुआई करें।