
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 डेस्क पूसा । डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा का केंद्रीय पुस्तकालय अब पूर्णतया स्वचालित एवं डिजिटल बन गया है। देश भर में ऐसे कुछ ही विश्वविद्यालय हैं जिसमें यह तकनीक है। बिहार में डिजिटल स्वचालित तकनीक से लैस यह पहला विश्वविद्यालय है।
इसको लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीएस पांडेय ने कहा कि पुस्तकालय में आरएफआईडी तथा माइलाफ्ट तकनीक लागू कर दी गई है। आरएफआईडी एक वायरलेस पहचान तकनीक है जो रेडियो तरंगों के माध्यम से पुस्तकों की पहचान और ट्रैकिंग करती है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के कारण छात्रों को अब पुस्तक निर्गत कराने या वापस करने केलिए पुस्तकालय सहायक के पास जाने की आवश्यकता नहीं है। वे सीधे पुस्तकों को सेल्फ चेक इन और चेक आउट मशीन की सहायता से पुस्तक ले सकते हैं और वापस कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त पुस्तकालय अब छात्रों को हर समय हर जगह उपलब्ध हो इसके लिए माइलाफ्ट तकनीक को भी शुरू कर दिया गया है। माइलाफ्ट तकनीक को माइ लाईब्रेरी आन फिंगरटिप्स भी कहते हैं। इसके शुरू हो जाने से छात्र विश्वविद्यालय की सभी पुस्तकों को डिजिटल फार्म में अपने मोबाइल के माध्यम से भी पढ सकते हैं।
विश्वविद्यालय के पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ राकेश मणि शर्मा ने कहा कि इस तरह की अत्याधुनिक तकनीक ज्यादातर विदेशी विश्वविद्यालयों में ही मिलते है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से पुस्तकालय के रखरखाव के खर्च में भी कमी आयेगी और छात्रों को समय की बचत सहित कई अन्य फायदे होंगे। इसके अतिरिक्त पुस्तकालय में सहायकों की आवश्यकता भी कम हो जायेगी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इस वक्त पांच लाख से अधिक पुस्तक उपलब्ध हैं तथा दुनिया के सबसे बेहतरीन पत्रिका का आनलाइन डाटाबेस मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी सुविधा और ऐसे शोध जर्नल कही भी उपलब्ध नहीं है। कुलसचिव डॉ मृत्यु्जय कुमार ने विश्वविद्यालय के लाइब्रेरी को डिजिटल और अत्याधुनिक बनाने को लेकर कुलपति डॉ पांडेय और पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ शर्मा को बधाई दी।