
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “आम आदमी के प्रति संवेदनशील बनने की जरूरत है। क्योंकि वही हमारा अंतिम साध्य है। इसलिए कार्य संस्कृति में बदलाव लाने लाएं और राजस्व एवं भूमि सुधार से संबंधित लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें।”
सोमवार को स्थानीय समाहरणालय सभागार में आयोजित राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा ने उक्त बातें कही।
बैठक के दौरान दिए निर्देश :
जिसमें जिले की राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आम जनता की समस्याओं के त्वरित निष्पादन हेतु उन्होंने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि, “राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
विवादों के समाधान को दें प्राथमिकता :
जिलाधिकारी श्री कुशवाहा ने अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश देते हुए कहा कि, “अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से जनता की शिकायतों को सुनें और राजस्व संबंधी विवादों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें।”
की प्रमुख बिंदुओं की समीक्षा:
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।
खारिज-दाखिल (Mutation):
जिलाधिकारी ने अंचलवार लंबित मामलों की समीक्षा की और निर्देश दिया कि, “बिना किसी ठोस कारण के कोई भी आवेदन लंबित न रहे।” उन्होंने समय सीमा के भीतर इस तरह के सभी मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
परिमार्जन प्लस (Parimarjan Plus):
समीक्षा के दौरान रैयतों की जमाबंदी में सुधार हेतु लाए गए इस नए पोर्टल परिमार्जन प्लस पर प्राप्त आवेदनों के स्थिति की जांच की गई।
ई-मापी (e-Mapi):
जमीन की डिजिटल मापी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और आवेदकों को ससमय सेवा प्रदान करने के निर्देश दिए गए।
आधार सीडिंग :
राजस्व अभिलेखों को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया ताकि भविष्य में भूमि संबंधी धोखाधड़ी को रोका जा सके।
बैठक अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, सभी अंचल अधिकारी, एवं राजस्व पदाधिकारी उपस्थित थे।