
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। सूर्य गृह फ्री बिजली योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ना और घरेलू स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार ने शुक्रवार को अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित एक बैठक में उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत चलाए जा रहे 9 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम से युवाओं को सौर ऊर्जा प्रणाली की स्थापना, संचालन, रख-रखाव तथा सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त होगी, जिससे उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
बताते चलें कि शुक्रवार को अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में अनुमंडल प्रकोष्ठ, समस्तीपुर में प्रधानमंत्री सूर्य गृह फ्री बिजली योजना के अंतर्गत एमएनआरई विभाग, भारत सरकार द्वारा आयोजित 9 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया।
क्षेत्र में कौशल विकास, ऊर्जा संरक्षण तथा सौर ऊर्जा के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य को प्राप्त करने केलिए आयोजित इस बैठक में सबसे पहले प्रशिक्षक, निसबड अमित कुमार वर्मा ने कार्यक्रम के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। इस बैठक में जिले के सभी राजकीय एवं निजी आईटीआई संस्थानों के प्राचार्य, प्रशिक्षक तथा नामित प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा, नामांकन प्रक्रिया, प्रशिक्षण अवधि, मूल्यांकन, प्रमाणन एवं योजना से होने वाले लाभों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करना था।
बैठक में एसडीओ दिलीप कुमार ने निर्देश देते हुए कहा कि प्रशिक्षण हेतु छात्र-छात्राओं का पारदर्शी एवं समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित किया जाए। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रयोगात्मक एवं तकनीकी ज्ञान पर विशेष जोर दिया जाए। कोर्स पूर्ण होने पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन और प्रमाणन निर्देशानुसार किया जाए। प्रशिक्षण से संबंधित सभी गतिविधियों का दस्तावेजीकरण एवं रिपोर्टिंग व्यवस्थित रूप से की जाए। अधिक से अधिक युवाओं को इस योजना से जोड़ने हेतु जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।
अनुमंडल पदाधिकारी ने यह भी कहा कि सभी आईटीआई कॉलेज नामांकन से लेकर प्रशिक्षण एवं कोर्स की समाप्ति तक की समस्त प्रक्रिया का विस्तृत विवरण तैयार कर एक औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी करें, तथा इसका प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि योजना की जानकारी इच्छुक विद्यार्थियों तक समय रहते पहुँच सकें।