

ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 सरायरंजन। यह कैसी विडम्बना है की आजादी के सतहत्तर साल बाद आज भी देश में बीड़ी मजदूरों की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक हालत दयनीय है। पैरवी ने इन बीड़ी मजदूरों के आर्थिक सामाजिक हालात में बदलाव के लिए छोटा-छोटा प्रयास शुरू किया है। इन प्रयासों की सफलता केलिए आवश्यक है कि इन बीड़ी श्रमिकों को संगठित होना आवश्यक है। इसकेलिए जरुरी है कि इनका संगठन बनें।
पैरवी, नई दिल्ली के कार्यक्रम समन्वयक दीनबंधु वत्स ने शनिवार को महिला बीडी मजदूरों की एक सामुदायिक बैठक में अपने संबोधन के दौरान कही। इस क्रम में उन्होंने कहा कि तम्बाकू एवं तंबाकू उत्पादों पर रोक लगाने की कोशिशों के बीच, सिर्फ संगठन नहीं होने के कारण बीड़ी मजदूरों को लेकर न तो किसी सरकार ने कोई नीति बनाई और न ही इनके कल्याण केलिए कभी कोई योजना बनाई।
बताते चलें कि पैरवी, नई दिल्ली की पहल पर सरायरंजन प्रखंड के दस गांवों में बीड़ी मजदूरों के लिए विगत साल से रोज़गार के वैकल्पिक श्रोत की तलाश शुरू की गई है। इसी कड़ी में शनिवार को सामुदायिक पुस्तकालय, अहमदपुर के सभा कक्ष में असंगठित खेतिहर मजदूर पंचायत के संयोजक रविन्द्र पासवान की अध्यक्षता और वीभा कुमारी के संचालन में महिला कामगारों की सामुदायिक बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे पैरवी, नई दिल्ली के कार्यक्रम समन्वयक दीनबंधु वत्स पैरवी के उद्देश्य पर चर्चा कर रहे थे।
इस अवसर पर गंगसारा, खालिसपुर, मणिका, अहमदपुर, नरघोघी आदि गांवों से आए रूकसाना खातून, निखज प्रवीण, जही्दा खातून, सानिया खातून, अख्तरी, अफसाना प्रवीण, इशरत प्रवीण, गुलशन खातून नें अपनी-अपनी आपबीती सुनाई। इस बैठक को पूर्व पंचायत समिति सदस्य अरूण कुमार गिरि, पंच संजय कुमार साह, पंचायत समिति सदस्य राम बालक राय, सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत निर्गुणी, वीरेंद्र कुमार राय, जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के दिनेश प्रसाद चौरसिया, किरण कुमारी, नवनीत कुमार, बलराम चौरसिया, ललिता कुमारी, वीणा कुमारी, संदीप कुमार, दीपक कुमार चौरसिया, आशुतोष कुमार मिश्र, प्रवीण कुमार, मुस्कान कुमारी, नेहा कुमारी, अमित कुमार राम, बबिता कुमारी, राखी कुमारी, पैरवी की फैसिलिटेटर वीभा कुमारी, संगीता कुमारी आदि नें संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सचिव सुरेन्द्र कुमार नें किया।