
एकबार फिर रेल मेंटेनेंस कर्मियों की लापरवाही उजागर
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 दरभंगा। पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल स्थित दरभंगा स्टेशन पर एक बार फिर कर्मियों और पदाधिकारियों की लापरवाही सामने आई। जिसके कारण बुधवार की शाम एक बड़ी घटना होते होते टल गई जब 9 बच्चे लिफ्ट में फंस गए। वो तो 112 टीम, आरपीएफ और जीआरपी की तत्परता से सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार को सीतामढ़ी से परिजनों के साथ 9 बच्चे मेला घूमने दरभंगा आए हुए थे। मेला घूम कर वापस सीतामढ़ी के लिए ट्रेन पकड़ने दरभंगा स्टेशन पहुंचे थे। इसी दौरान कौतूहलवश वे प्लेटफार्म नंबर चार पर स्थित लिफ्ट में सवार गए। मगर लिफ्ट का दरवाजा बंद होने के कुछ ही देर बाद लिफ्ट बंद हो गई। यह पता लगते ही स्टेशन पर अफरातफरी मच गई।
बच्चों ने शोर मचाया लेकिन उनकी आवाज बाहर नहीं निकल रही थी। इसके बाद बच्चों ने अपना मोबाइल फोन निकाल और लिफ्ट में लिखे आपातकालीन नंबर पर डायल किया। उस नंबर पर रिंग होता रहा, लेकिन न कोई जवाब दिया गया न हीं कोई प्रतिक्रिया दी गई।
थक हार कर बच्चों ने 112 नंबर पर डायल किया और लिफ्ट में फंसे होने की जानकारी दी। तब जा कर 112 पुलिस टीम फौरन दरभंगा स्टेशन पहुंची एवं आरपीएफ और जीआरपी की मदद से लिफ्ट में फंसे बच्चों का रेस्क्यू किया। जिसमें 6 बच्चे सही सलामत निकले, जबकि तीन बच्चे बेहोशी की हालत में निकाले गए।
आपातकालीन नंबर पर तैनात जिला प्रशासन व रेल प्रशासन कर्मी नहीं उठाते हैं। इस परिस्थिति में लोग क्या करें। शुक्र था की बच्चों को 112 नंबर याद था। जिसके कारण उसकी जान बची। गौरतलब है कि वहां पर कोई लिफ्ट का संचालन करने वाला भी नहीं था। बाद में एक कर्मचारी को बुलाया गया। वह किसी तरह एक बॉक्स को खोल, फिर उसमें से एक-एक कर सभी बच्चों को बाहर निकल गया।
इस घटना ने भारतीय रेल के सिद्धांत सुरक्षा और संरक्षा की पोल खोल दी, समय पालन तो पहले ही किताबों में सिमटी पड़ी है।
दरभंगा स्टेशन पर हुई उक्त घटना बेशक कार्यरत मेंटेनेंस कर्मियों की लापरवाही का आईना है मगर संबंधित पदाधिकारी भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। ऐसा भी नहीं है कि इन मेंटेनेंस कर्मियों की लापरवाही पहली बार उजागर हुई है।
कभी इंजन पटरी से उतर जाती है, कभी इंजन बाकी डिब्बों को छोड़ कर चल देता है तो कभी कुछ दूर चलते ही पहियों से धुआं फेकने लगता है तो कभी चलते चलते गार्ड सहितआधी बोगियों को छोड़ कर ड्राइवर ट्रेन आगे बढ़ा ले जाता है।
समस्तीपुर रेल मंडल में विभिन्न स्टेशनों पर यात्री सुविधा के लिए लगे लिफ्ट ससमय व समुचित देखभाल नहीं होने कारण जी का जंजाल बन गए हैं। यात्रियों का कहना है कि लोग भगवान भरोसे लिफ्ट और एस्केलेटर के सहारा लेते हैं।