
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
ओईनी । एआई इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के दो महीने पूरे हो गये। इस अवसर पर एक विडीयो जारी कर दिवंगत अतुल के पिता पवन मोदी ने एक बार फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, एवं सर्वोच्च न्यायलय से न्याय की गुहार लगाई है।
बताते चलें कि पत्नी के लालच और परिवार न्यायालय के जज के एकतरफा व्यवहार और प्रताड़ना से तंग आ कर, आज से ठीक दो माह पहले 9 दिसंबर 2024 को, बंगलुरू में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत एआई इंजीनियर अतुल सुभाष 24 पन्ने का सुसाइड नोट और विडियो छोड कर फंदे से झूल गया था। इस मामले में आरोपी मृतक अतुल की पत्नी, सास और साला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया मगर उच्च न्यायालय से तीनो को जमानत मिल गई।

शनिवार को जारी विडियो में श्री मोदी ने मृतक की पत्नी निकिता सिंघानियां एवं सास निशा सिंघानियां एवं साला अनुराग सिंघानियां को जमानत मिलने को सबसे बडी त्रासद खबर बताते हुए कहा कि सिस्टम की बलिवेदी पर मेरा बेटा शहीद हो गया, और उसे इस मुकाम पर पहुंचाने वाले आजाद घूम रहे हैं। इससे बडा मजाक मेरे लिये क्या होगा। उनका महज 4 साल का पोता व्योम किस हाल में है, कैसा है इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है। सिर्फ जानकारी दी गई है कि वह किसी बोर्डिंग स्कूल में है।
श्री मोदी ने कहा है कि मेरा पोता अपनी मां केलिए सिर्फ एटीएम कार्ड था। जब पैसा देने मशीन मेरा बेटा अब इस दुनिया में नहीं है तो मेरे पोते के साथ उनका व्यवहार कैसा होगा इसकी कल्पना से मैं भयभीत हूं।

श्री मोदी ने कहा है कि मुझे देश की पुलिस और न्याय प्रणाली पर अटूट भरोसा है। मासूम व्योम मेरे बेटे की आखिरी निशानी है। उसे मेरी कस्टडी दिलाई जाय। श्री मोदी ने कहा कि हिन्दु परंपरा में अस्थि कलश घर में नहीं रखा जाता मगर पुत्र की अंतिम इच्छा का सम्मान करना इस अभागे पिता की मजबूरी है। इसलिए उसकी अस्थियां मैने घर में रखी है। जिसे उसकी इच्छा के अनुसार न्याय मिलने पर गंगा में और न्याय नहीं मिलने पर न्यायालय के समक्ष किसी गटर में बहाना है।

उन्होंने कहा कि यदि अस्थियों को गटर में बहाने की नौबत आई तो न्याय पर से मेरा भरोसा उठ जायेगा और मै दोनों पति-पत्नि आत्मदाह कर लूंगा।
श्री मोदी ने कहा कि अतुल के शहीद होने के दो महीने बाद भी न्याय नहीं मिल सका है यह बेहद अफसोसनाक है। माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, उप्र के मुख्यमंत्री, स्थानीय सांसद, विधायक, विधान पार्षद सभी से मेरा आग्रह है कि इस मामले में पहल कर अतुल सुभाष के शहादत को न्याय दिलाने और मेरे पोते को मेरी कस्टडी दिलाने की कृपा करें।