ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। जिले के दलसिंहसराय अनुमंडल अंतर्गत उजियारपुर थाना क्षेत्र के, भगवानपुर देसुआ गांव में बुधवार 20 मई की अहले सुबह करीब 3 बजे हुई, कथित पुलिस मुठभेड़ में नया मोड़ आ गया है। जिसमें पुलिस महकमा और कथित ऑपरेशन लंगड़ा ही कठघरे में आता प्रतीत हो रहा है।
डीजीपी सहित सभी उच्चाधिकारियों को दिया आवेदन :
इस बाबत मिली जानकारी के अनुसार भगवानपुर देसुआ वार्ड 20 निवासी घायल प्रिंस की मां सुशीला देवी ने डीजीपी सहित अन्य वरीय अधिकारियों को आवेदन लिख कर समुचित कार्रवाई सहित न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
घर पर आराम कर रहा था प्रिंस :
सुशीला देवी ने डीजीपी बिहार को दिए आवेदन में बताया है कि, उनका पुत्र प्रिंस सोमवार 18 मई 2026 की सुबह, विद्यापतिधाम जल चढ़ाने गया था। जहां से लौटने के दौरान वह सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। जिसके बाद उसका इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विद्यापतिनगर में कराया गया था। इलाज के बाद वह घर पर ही आराम कर रहा था।
बिना जब्ती सूची बनाए 38 हजार नगद और मोबाइल ले गई पुलिस :
उसी रात करीब 2 बजे, दलसिंहसराय थाने की पुलिस तथा स्थानीय डीएसपी उनके घर पहुंचे और प्रिंस को जबरन उठा कर ले गए। जब उन लोगों ने पुलिस से गिरफ्तारी का कारण पूछा तो, पुलिसकर्मी उनसे गाली-गलौज करने लगे, तथा उनके पति पिंकू कुमार का मोबाइल, और प्रिंस कुमार की जेब से 38 हजार रुपये निकाल लिए व बिना कोई जब्ती सूची बनाए अपने साथ ले गए।
“ऑपरेशन लंगड़ा” के तहत मारी गोली :
अगले दिन जब वह अपने पति के साथ दलसिंहसराय थाना जानकारी लेने पहुंचे तो, उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया गया। इसी बीच 20 मई को जानकारी मिली कि उजियारपुर थाना क्षेत्र के देसुआ गांव में पुलिस ने “ऑपरेशन लंगड़ा” के तहत प्रिंस कुमार को गोली मार दिया है, तथा ईलाज के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर ले गयी है।
दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग :
प्रिंस की मां ने समस्तीपुर पुलिस पर सीधा आरोप लगाया है कि, पुलिस ने बिना कारण पहले उनके बेटे प्रिंस को घर से उठाया, और बाद में अपनी कार्रवाई दिखाने के लिए उसे फर्जी एनकाउंटर में गोली मारकर घायल कर दिया। पुरे मामले को लेकर पुलिस की गोली से घायल प्रिंस कुमार की मां ने दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस खामोश :
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से प्रिंस कुमार के मां द्वारा समस्तीपुर पुलिस पर लगाए गए इस आरोप पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।