
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
विभूति कुमार
Oini 24 समस्तीपुर। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सोमवार की शाम अचानक मौसम ने करवट बदली और तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने एक तरफ जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया, वहीं दूसरी तरफ किसानों के अरमान मौसम की भेंट चढ़ गए।
वानिकी फसलों को व्यापक नुकसान :
जिले के पूसा समेत आसपास के इलाकों में सोमवार को सतही तेज हवा, और गरज के साथ बारिश से वानिकी फसलों को खास कर आम और लीची की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
कहीं पेड़ गिरे कही डाल टूटे :
बताते चलें कि, सोमवार को दिन भर गर्म किंतु खुशनुमा मौसम रहने के बाद शाम होते-होते आसमान में घने बादल छाने लगे, धीरे धीरे बादल घने होते गए और देखते ही देखते तेज सतही हवा और गरज के साथ बारिश शुरू हो गई। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि, पुलिस लाइन, खानपुर थाना सहित दर्जनों जगहों पर पेड़ों की डालियां टूटकर गिर गईं तो कई जगह पेड़ उखड़ कर बिजली के तारों पर या सड़क पर गिर गए।
आम–लीची के उत्पादन पर गंभीर असर :
हालांकि, मौसम विभाग ने पहले ही बिहार के कई जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया था। मगर अचानक आई आंधी और बारिश के कारण भारी मात्रा में फल गिर गए। किसानों के अनुसार मौसम के इस बदलाव का आम–लीची के उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
24 घंटे में हुई 6 मि.ली. बारिश :
जिले के पूसा क्षेत्र में भी तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। बीते 24 घंटे में यहां करीब 6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
बिजली गुल जनजीवन अस्त व्यस्त :
तेज हवा के कारण कई जगहों पर पेड़ गिरने से बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा है। जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। देर शाम से ही कई गांव अंधेरे में डूबे रहे। बिजली विभाग की टीमों को मरम्मत कार्य में लगाया गया है। लेकिन समाचार प्रेषण तक बिजली गुल ही थी।
गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बरकरार :
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बिहार में आंधी-बारिश का यह दौर अभी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।