
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “राष्ट्रीय लोक अदालत आम जनता के लिए सुलभ, त्वरित और किफायती न्याय का प्रभावी मंच है, जहां आपसी सहमति से विवादों का निपटारा किया जाता है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है और पक्षकारों को शीघ्र राहत मिलती है। इसलिए अधिकाधिक विवादित व लंबित मामलों का लोक अदालत के माध्यम से निपटारा सुनिश्चित करें।”
डालसा अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश समीर कुमार ने गुरुवार को आयोजित विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में उक्त बातें कही।
अधिकाधिक मामलों का निपटारा हो सुनिश्चित :
इस दौरान उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि, “वे अपने-अपने बैंकों से संबंधित ऋण वसूली, एनपीए एवं प्री-लिटिगेशन आदि मामलों की सूची तैयार कर लोक अदालत में प्रस्तुत करें, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा सुनिश्चित हो सके।”
राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभों के प्रति करें जागरूक :
साथ ही उन्होंने अन्य विभागीय अधिकारियों को भी आम नागरिकों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभों के प्रति जागरूक कर अपने विभाग से संबंधित लंबित एवं विवादित मामलों को चिन्हित कर अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में लाने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
राष्ट्रीय लोक अदालत 9 मई को :
बताते चलें कि, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, समस्तीपुर के तत्वावधान में 9 मई 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए व्यवहार न्यायालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
अधिकारियों ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन :
बैठक में बीमा क्लेम, ई-चालान एवं नीलम वाद जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। अंत में, सभी उपस्थित अधिकारियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

उपस्थिति :
बैठक में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार सिंह, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य प्रकाश शुक्ला, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार मनोज कुमार सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी, विभिन्न बैंकों के अधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।