
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 मुंगेर। मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर की एनएसएस इकाई द्वारा मंगलवार को ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन’ विषयक सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण आरडी एंड डीजे कॉलेज, मुंगेर के ऑडिटोरियम में आरम्भ हुआ।
200 आपदा मित्र किए जाएंगे प्रशिक्षित :
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA), पटना द्वारा प्रायोजित इस सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन आगामी 13.04.2026 तक राष्ट्रीय सेवा योजना के युवाओं के लिए किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 200 प्रशिक्षुओं (100 मुंगेर +100 खगड़िया जिला) को स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा।

उद्घाटन, स्वागत व ट्रेनिंग माड्यूल का अनावरण :
सर्वप्रथम कुलपति, कुलसचिव, प्राचार्य आदि द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन, मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलगीत और राष्ट्रीय सेवा योजना गीत के साथ उद्घाटन सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई। तत्पश्चात शाॅल, पौधा और स्मृति चिन्ह प्रदान कर आगत अतिथियों का स्वागत किया गया। इस इसी क्रम में अतिथियों ने ट्रेनिंग माड्यूल का अनावरण किया।

प्राचार्य ने किया जागरूक :
उद्घाटन सत्र की शुरुआत करते हुए कार्यक्रम समन्वयक मुनींद्र कुमार सिंह ने विषय प्रवेश कराया। इसके बाद आरडी एंड डीजे कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) बिजेंद्र कुमार ने समाज में एनएसएस की भूमिका का वर्णन किया और युवाओं को सामाजिक दायित्व के प्रति जागरूक किया।
क्षेत्रीय निदेशक का आभार :
मुंगेर विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू प्रो. (डॉ.) महेश्वर मिश्र ने विश्वविद्यालय में एक्स्ट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज में छात्रों की सहभागिता में संवर्धन की चर्चा की। इस दौरान उन्होंने वर्तमान में समाज में वैचारिक आपदा पर अपने विचार व्यक्त किए। साथ ही, विश्वविद्यालय में एनएसएस को जीवंत करने के लिए एनएसएस के क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार के प्रति आभार प्रकट किया।
कुलसचिव का संबोधन :
इस अवसर पर मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) घनश्याम राय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि, “यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बिहार सरकार की रोजगारोन्मुखी है।” उन्होंने इस कार्यक्रम के प्रायोजक बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव मो वारिस खान (IAS) के प्रति आभार प्रकट किया।
मुंगेर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो डॉ संजय कुमार ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि, “एनईपी-2020 के अंतर्गत चार वर्षीय यूजी सीबी सीएस में एईसी-3 में आपदा जोखिम प्रबंधन पाठ्यक्रम के रूप में मुंगेर विश्वविद्यालय में लागू है। वैश्विक समकालीन परिस्थितियों में आपदा प्रबंधन अधिक प्रासंगिक हो गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत थ्योरी और प्रैक्टिकल में समन्वय स्थापित होगा।” इस प्रशिक्षण के बाद छात्र-छात्राओं में आपदा प्रबंधन के कौशल का विकास होगा। मंच संचालन डॉ चंदन कुमार ने किया।
प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षुओं का परिचय :
दूसरे सत्र में प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं के परिचय के बाद प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदा से बचाव और प्रबंधन पर व्यवहारिक ज्ञान दिया गया। जिसमें राज्य एसडीआरएफ से अनुपम कुमार पंडित, शत्रुघ्न कुमार, राजू कुमार, रितेश कुमार, खुशबू कुमारी, प्रीति कुमारी को बिहार सरकार ने प्रशिक्षक नियुक्त किया है। वहीं टीओटी (Trainer of Trainers) के रूप में मो. मुस्तकीम अंसारी, को अधिकृत किया गया है।
कई प्राध्यापक व छात्रों ने निभाई भूमिका :
प्रत्येक दिन की गतिविधियों का अशोक कुमार शर्मा, वरीय सलाहकार द्वारा मॉनिटरिंग करेंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस कार्यालय कर्मी सौरभ शांडिल्य, सुशांत, विमलेश, मृत्युंजय, अभिजीत राज के साथ डॉ संजय मांझी, डॉ अनीश अहमद, डॉ सुभम कुमार, डॉ प्रियरंजन तिवारी, डॉ अंशु राय, डॉ प्रभाकर पोद्दार, बीआरएम की प्रभारी प्राचार्या डॉ नेहा कुमारी, कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ राजकिशोर प्रसाद, डॉ अरूण कुमार, डॉ भास्कर मिश्रा, डॉ कुमार बलवंत सिंह ने अहम भूमिका निभाई।
