Close Menu
  • होम |
  • देश/विदेश |
  • राज्य |
  • बिहार |
  • समस्तीपुर |
  • बिजनेस |
  • कृषि |
  • शिक्षा |
  • धर्म |
  • उपलब्धि |
  • सामाजिक |
  • विविध |
  • स्वास्थ्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Trending
  • क्यों रहा समस्तीपुर पुलिस के लिए शुक्रवार उपलब्धियों वाला दिन
  • हंगामेदार रही 20 सूत्री समिति की बैठक
  • खरीफ फसलों की तैयारी के साथ क्या–क्या करें किसान
  • जानिए, कैसा रहेगा अगले 5 दिनों में मौसम का मिजाज
  • अप्रत्याशित जलवायु परिवर्तन एवं मजदूरों की कमी जैसी परिस्थितियों में डीएसआर तकनीक उपयोगी : डॉ. आर.के. तिवारी
  • मौसम की बदमिजाजी पर हौसला भारी
  • संकोच या झिझक से बढ़ेगी मुश्किल बिगड़ेगी सेहत – सुभीत कुमार सिंह
  • दुष्कर्म मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं करना पड़ा भारी, कार्य में लापरवाही के आरोप में नप गए थानाध्यक्ष
Facebook X (Twitter) Instagram
Login
OINI24
  • होम |
  • देश/विदेश |
  • राज्य |
  • बिहार |
  • समस्तीपुर |
  • बिजनेस |
  • कृषि |
  • शिक्षा |
  • धर्म |
  • उपलब्धि |
  • सामाजिक |
  • विविध |
  • स्वास्थ्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Login
OINI24
  • होम |
  • देश/विदेश |
  • राज्य |
  • बिहार |
  • समस्तीपुर |
  • बिजनेस |
  • कृषि |
  • शिक्षा |
  • धर्म |
  • उपलब्धि |
  • सामाजिक |
  • विविध |
  • स्वास्थ्य
Home » जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने की दिशा में विश्वविद्यालय के प्रयासों का एक अहम पड़ाव : वीसी, कहा, जलवायु परिवर्तन अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने की दिशा में विश्वविद्यालय के प्रयासों का एक अहम पड़ाव : वीसी, कहा, जलवायु परिवर्तन अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा

Dr. Sanjay KumarBy Dr. Sanjay Kumar21/01/2026Updated:21/01/2026No Comments2 Mins Read
Facebook WhatsApp Twitter Email
उद्घाटन करते वीसी व अन्य।

ओईनी न्यूज नेटवर्क।

Oini 24 समस्तीपुर। “एडी-कोवेरियंस टॉवर जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने की दिशा में विश्वविद्यालय के प्रयासों का एक अहम पड़ाव है। इससे वायुमंडल, मिट्टी और वनस्पति के बीच जटिल अंतःक्रियाओं को समझने में मदद मिलेगी तथा इससे जलवायु प्रतिरोधी कृषि प्रणालियों के विकास को गति और जलवायु परिवर्तन अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी।”

बुधवार को डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा स्थित सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज ऑन क्लाइमेट चेंज में स्पेस एप्लिकेशन सेंटर, इसरो के सहयोग से स्थापित अत्याधुनिक एडी-कोवेरियंस टॉवर का उद्घाटन करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. एस. पांडेय ने उक्त बातें कही।

जलवायु परिवर्तन की प्रक्रिया को समझने और उसके दुष्प्रभावों को कम करने में सहायक :

बताते चलें कि, एडी-कोवेरियंस टॉवर एक उन्नत वैज्ञानिक प्रणाली है, जिसके माध्यम से वायुमंडल और भूमि सतह के बीच गैसों जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, जलवाष्प तथा ऊष्मा के आदान-प्रदान का सटीक मापन किया जाता है। यह तकनीक जलवायु परिवर्तन की प्रक्रिया को समझने और उसके दुष्प्रभावों को कम करने हेतु रणनीति विकसित करने में सहायक होगी।

 मिट्टी, जल और वायु से संबंधित 32 मापदंडों की सतत निगरानी :

अत्याधुनिक सेंसर और उपकरण से लैस यह टॉवर, मिट्टी, जल और वायु से संबंधित कुल 32 मापदंडों की सतत निगरानी करता है। इनमें प्रमुख रूप से मिट्टी की नमी और तापमान, वायु तापमान एवं आर्द्रता, हवा की गति और दिशा, कार्बन डाइऑक्साइड एवं जलवाष्प फ्लक्स, संवेदनशील एवं अव्यक्त ऊष्मा फ्लक्स, नेट रेडिएशन, फोटोसिंथेटिकली एक्टिव रेडिएशन (PAR), मिट्टी ऊष्मा फ्लक्स तथा मिट्टी श्वसन शामिल हैं।

दीर्घकालिक स्थिरता के लिए आवश्यक :

इस अवसर पर निदेशक अनुसंधान डॉ. ए. के. सिंह ने कहा कि यह टॉवर विभिन्न कृषि प्रणालियों की कार्बन सेक्वेस्ट्रेशन क्षमता के आकलन में सहायक होगा। इससे कार्बन सिंक बढ़ाने की रणनीतियां विकसित की जा सकेंगी, जो जलवायु परिवर्तन के शमन और कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

जलवायु अनुकूल खेती अपनाने में होंगे सक्षम :

उन्होंने कहा कि, इस टॉवर से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग जलवायु-स्मार्ट कृषि के लिए मॉडल और निर्णय समर्थन उपकरण विकसित करने में किया जाएगा, जिससे किसान बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप खेती अपनाने में सक्षम हो सकेंगे।

कई पदाधिकारी व वैज्ञानिक थे मौजूद :

उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय एवं एसएसी इसरो सहित विभिन्न संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और शोधकर्ता उपस्थित रहे।

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

Center for Advanced Studies on Climate Change Dr. A.K. Singh Dr. PS Panday Dr. Rajendra Prasad Central Agriculture University Pusa Space Aplication Centre ISRO
Share. Facebook WhatsApp Twitter Email
Dr. Sanjay Kumar
  • Website

Related Posts

तो क्या फर्जी था एनकाउंटर? कठघरे में पुलिस और ऑपरेशन लंगड़ा

21/05/2026

30 वर्ष की आयु के बाद क्यों बढ़ जाती है मुंह की समस्याएं

11/05/2026

राष्ट्रीय लोक अदालत सफलतापूर्वक संपन्न, डीएम एसपी भी रहे मौजूद

10/05/2026
Leave A Reply Cancel Reply

Donate Now

Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 oini24. Designed by CS.
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Sign In or Register

Welcome Back!

Login to your account below.

Lost password?