
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 डेस्क समस्तीपुर । अपनी संस्कृति और परंपराओं को बच्चे भूल न जायें इसलिए समय समय पर भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुडे उत्सव का आयोजन हम करते रहते हैं। इससे एक तरफ बच्चों को उत्सवी माहौल मिलता है जिससे व रिचार्ज होते रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में जानते सीखते हैं।
शनिवार को सिटी सेंट्रल स्कूल मेें राखी महोत्सव के अवसर पर सिटी सेंट्रल स्कूल ग्रुप के निदेशक संजीव कुमार पाण्डेय ने उक्त बातें बच्चों व अभिभावकों से कही।
उन्होंने बताया कि सबसे पहले माता पार्वती ने श्री हरी विष्णु को प्रतीकात्मक राखी बांध कर भाई कहा था। उसके बात तो इस पर्व के आरंभ होने से जुडी कई कहानियां किताबों में वर्णित हैं। किन्तु कुल मिला कर निर्विवाद रूप से भाई बहन के अनुपम रिश्ते को जीवंत करने का पर्व है रक्षाबंधन।
श्री पाण्डेय ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल बच्चों की रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि हमारे सांस्कृतिक मूल्यों, अवधारणाओं, व परंपराओं को भी नई पीढ़ी तक पहुँचाती हैं।
बताते चलें कि सिटी सेंट्रल स्कूल के सभी शाखाओं मोहनपुर रोड, भुईधारा, जितवरीया, मूसापुर और नकटा में आयोजित राखी महोत्सव के अवसर पर राखी बनाओ प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के वरीय प्राचार्य सीके ठाकुर ने कहा कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, पारंपरिक मूल्यों एवं भाई-बहन के प्रेम को प्रोत्साहित करना है।
प्रतियोगिता में कक्षा 3 से 10 तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिसमें बच्चों ने रंग-बिरंगी, आकर्षक और पर्यावरण-स्नेही राखियों का निर्माण किया। सभी राखियाँ अनूठी और रचनात्मक थीं, जिनमें भारतीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी। इस अवसर पर छात्र – छात्राओं ने निदेशक को राखी बांध कर सम्मानित किया।
अंत में निर्णायक मंडल ने उत्कृष्ट राखियों का मूल्यांकन कर विजेताओं की घोषणा की। विजयी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। इस प्रतियोगिता में छात्र छात्राओं में वंदना कुमारी, अक्षत कुमार, कृतिका कुमारी, आदर्श कुमार, शिवंजलि कुमारी, स्वर्णिका कुमारी, स्मृति कुमारी, आकृति कुमारी, अनुराग कुमार, आयशा कुमारी, हर्षित कुमार आदि ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर सभी शाखाओं के प्राचार्य यथा मुल्लाथारा कविथा करुणाकरण, सुषमा ठाकुर, श्याम कुमार चैरसिया, सुप्रिया झा, रूपांजलि कुमारी एवं शिक्षक शिक्षिकाओं में शिवेश कौशल, नवनीत झा, ब्रजभूषण झा, राजूपोद्दार, आनंद शंकर, अर्जुन कुमार, शशांक कुमार, सुदर्शन कुमार, दुर्गेश झा, संदीप कुमार, राहुल पांडेय, राधेश्याम कुमारी, मनीष भारद्वाज, रत्ना कुमारी, पूनम कुमारी, रेखा कुमारी, अमृता कुमारी, बेबी कुमारी, आशा कुमारी, उपमा कुमारी, मधु कुमारी, मनीषा कुमारी, साधना कुमारी आदि उपस्थित थे।