
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 डेस्क पूसा। डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के विद्यापति सभागार में किसान दिवस एवं मशरूम दिवस के अवसर पर किसान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति डाॅ पीएस पाण्डेय, मशरूम विशेषज्ञ डाॅ दयाराम सहित अतिथियों का पुष्पगुच्छ आदि से स्वागत की औपचिारिकता के बाद वीसी के नेतृत्व में अतिथियो ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिावत उद्घाटन किया। तत्पश्चात कुलगीत प्रसारण के साथ कार्यक्रम ने दिशा पकडी।
इस अवसर पर अपने संबोधन में कुलपति डॉ पीएस पांडेय ने सबसे पहले उपस्थित किसानों व कृषि शिक्षा कर्मियों को किसान दिवस व मशरूम दिवस की शुभकामनाएं दी और भारत सरकार के विकसित भारत जी राम जी कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने भीषण ठंड में भी बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति देखकर कहा कि यदि लोगों का उत्साह इसी तरह रहा तो देश 2047 से पहले ही विकसित हो जायेगा। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए सम्मान का विषय है कि इस अवसर पर देश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चैहान एवं कृषि राज्यमंत्री भगीरथ चैधरी भी आन लाईन माध्यम से किसानों को संबोधित कर रहे हैं।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान ने देश भर के किसानों को किसान दिवस के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि विकसित भारत जी राम जी योजना से देश भर के किसानों और मजदूरों को फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना से अब गांव स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य हो सकेगा जिससे गांव की आर्थिक समृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बुआई और कटाई के समय राज्य सरकार के सहयोग से गैप रखा जायेगा ताकि खेती किसानी के कार्यो के लिए मजदूरों की कमी नहीं हो। मजदूरों को समयबद्ध तरीके से आनलाइन माध्यम से भुगतान की भी व्यवस्था की गई है।
कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चैधरी ने कहा कि कार्यक्रम में किसी तरह की धांधली न हो इसलिए इसके मानीटरिंग को भी सख्त किया गया है। कार्यक्रम के दौरान निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ रत्नेश झा, निदेशक अनुसंधान डॉ एके सिंह, मशरूम वैज्ञानिक डॉ दयाराम, प्राध्यापक डॉ रितंभरा सिंह ने भी संबोधित किया।
मंच संचालन सौरभ तिवारी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक डॉ देवेश पंत ने किया। इस समारोह में पांच सौ से अधिक किसान जुटे थे।

मौके पर डीन बेसिक साइंस डॉ अमरेश चंद्रा, डीन कम्युनिटी साइंस डॉ उषा सिंह, डीन इंजीनियरिंग डॉ राम सुरेश वर्मा, पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ राकेश मणि शर्मा, डॉ रामबाबू प्रसाद, डॉ संजीव कुमार, डॉ कुमार राज्यवर्धन समेत विभिन्न शिक्षक वैज्ञानिक एवं किसान उपस्थित थे।