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Home » सिमट रहे कृषि योग्य भूमि के दौर में नए व वैज्ञानिक तकनीकों पर आधारित कृषि समय की मांग : डॉ आरके तिवारी

सिमट रहे कृषि योग्य भूमि के दौर में नए व वैज्ञानिक तकनीकों पर आधारित कृषि समय की मांग : डॉ आरके तिवारी

Dr. Sanjay KumarBy Dr. Sanjay Kumar23/12/2025Updated:23/12/2025No Comments3 Mins Read
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समारोह का उद्घाटन करते वैज्ञानिक।

ओईनी न्यूज नेटवर्क।

Oini 24 डेस्क समस्तीपुर। भारत कृषि प्रधान देश है, यहां के अर्थव्यवस्था धुरी है कृषि, क्योंकि अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि और कृषि उत्पादों से आता है। हमारे श्रमशील किसान भाई धरती से अनाज उगा कर सिर्फ हमारा पेट नहीं भरते बल्कि देश के विकास में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली के अध्यक्ष सह वरीय वैज्ञानिक डॉ आरके तिवारी ने किसान नेता सह पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण जयंती पर आयोजित किसान गोष्ठी सह किसान सम्मान समारोह का उद्घाटन करते हुए उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि बेतहाशा बढ़ती आबादी के साथ  सिमट रहे कृषि योग्य भूमि के दौर में नई तकनीकों पर आधारित कृषि समय की मांग है।

बताते चलें कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली में दिनांक 23.12.2025 को ‘किसान दिवस’ के उपलक्ष्य में ‘किसान गोष्ठी सह किसान सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सबसे पहले कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. तिवारी एवं वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किसानों को आधुनिक तकनीक और कृषि निर्यात की संभावनाओं से अवगत कराने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम का, विधिवत उद्घाटन किया।

तत्पश्चात अपने संबोधन में डॉ. तिवारी ने किसानों के श्रम की सराहना करते हुए वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने पर जोर दिया ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए किसानों को आगे आने हेतु प्रेरित किया।

इस अवसर पर एपीडा के सहयोग से कृषि निर्यात विषय पर क्षमता विकास हेतु एक विशेष गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। एपीडा के श्री सौरभ कुमार ने बिहार से कृषि उत्पादों के निर्यात की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे स्थानीय किसान अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँच सकते हैं। उन्होंने कृषि निर्यात की प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की।

समथू एफपीओ के सीईओ अमरदीप कुमार ने फल एवं सब्जियों के निर्यात की बारीकियों और इसमें आने वाली चुनौतियों व लाभ पर अपने विचार साझा किए। वहीं विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डॉ. एआर श्रावंती ने कृषि में उद्यमशीलता, कृषि स्टार्टअप के द्वारा युवाओं को आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया।

इसी क्रम में कीट विज्ञान के सहायक प्राध्यापक डॉ. ध्रुव कुमार ने कृषि निर्यात की गुणवत्ता बनाए रखने में कीट नियंत्रण की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी।

समारोह में शामिल किसान।

समारोह के समापन सत्र में कृषि के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले किसानों में मुख्य रूप से अनोज कुमार राय, विजय पोद्दार, अमरनाथ कुमार, दिवाकर कुमार, रमाशंकर चौरसिया, सुधांशु कुमार, रणधीर कुमार, रामनरेश प्रसाद सिंह, संजीव सिंह, विनय पाण्डेय इत्यादि शामिल हैं।

कार्यक्रम का संचालन केंद्र के उद्यानिकी विशेषज्ञ डॉ. धीरु कुमार तिवारी ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से ई. विनिता कश्यप, सुमित कुमार सिंह और निशा रानी सहित क्षेत्र के 150 से अधिक किसानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। गोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों के विभिन्न सवालों के जवाब भी दिए।

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Dr Dhiru Tiwari Dr Rajendr Prasad Central Agricultural University Pusa dr RK Tiwari Er Vinita Kashyap Krishi Vigyan Kendra Birauli
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