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Home » समेकित कृषि प्रणाली में समेकित पोषक तत्व प्रबंधन का विशेष ध्यान रखना महत्वपूर्ण : डॉ दिव्यांशु शेखर

समेकित कृषि प्रणाली में समेकित पोषक तत्व प्रबंधन का विशेष ध्यान रखना महत्वपूर्ण : डॉ दिव्यांशु शेखर

Dr. Sanjay KumarBy Dr. Sanjay Kumar19/12/2025Updated:19/12/2025No Comments3 Mins Read
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केवीके जाले में केवीके सुखेत के प्रशिक्षु।

ओईनी न्यूज नेटवर्क।

Oini 24 डेस्क दरभंगा। मृदा संरक्षण एवं किसानों की समृद्धि के लिए समेकित कृषि प्रणाली की चर्चा इन दिनों जोरों पर है। किंतु यह लाभकारी तभी है जब समेकित कृषि में समेकित पोषक तत्व प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा जाए।

शुक्रवार को दरभंगा के जाले स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र में एक दिवसीय भ्रमण पर आए किसानों को संबोधित करते हुए केवीके जाले के अध्यक्ष डॉ दिव्यांशु शेखर ने उक्त बातें कही। इस दौरान उन्होंने खेती के विभिन्न पहलुओं और तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

बताते चलें कि शुक्रवार को मधुबनी के कृषि विज्ञान केंद्र सुखेत से “समेकित पोषक तत्त्व प्रबंधन” प्रशिक्षण के क्रम में मधुबनी के विभिन्न प्रखंडों के 40 प्रशिक्षुओं ने एक दिवसीय परिभ्रमण के तहत कृषि विज्ञान केंद्र, जाले, का भ्रमण किया।

गेहूं का प्रत्यक्षण करते केवीके जाले में  केवीके सुखेत के प्रशिक्षु।

जहां केंद्र, के अध्यक्ष डॉ शेखर ने संबोधित करते हुए खेती के विभिन्न पहलुओं जैसे समेकित कृषि प्रणाली, समेकित पोषक तत्व, सिंचाई जल एवं पोषक तत्त्व प्रबंधन पर चर्चा की तथा जल एवं पोषक तत्त्व उपयोग दक्षता बढ़ाने के विभिन्न तकनीक जैसे शून्य जुताई खेती, फसल अवशेष से मल्चिंग, फसल चक्र में दलहन फसलों का समावेश, परती जमीन में दलहन की खेती, बाग बगीचों जैसे छायादार जगह में हल्दी, सरसों, मसूर इत्यादि की खेती के बारे में विस्तृत रूप से बताया।

वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान, कृषि विज्ञान केन्द्र, सुखेत, डॉ शिशिर कुमार गंगवार के निगरानी में संपन्न परिभ्रमण के दौरान डॉ प्रदीप कुमार विश्वकर्मा (उद्यान विशेषज्ञ) ने कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर पर लगे विभिन्न प्रकार के प्रत्यक्षण जैसे, सिंघाड़ा नर्सरी एवं मखाना की खेती, गेहूं की सीधी बुवाई (जीरो टिलेज), प्राकृतिक खेती, सब्जी एवं फलदार बागबानी, पॉलीहाउस में नर्सरी के विभिन्न प्रत्यक्षण, केन्द्र पर लगे विभिन्न प्रकार के बगीचा जैसे आम, लीची, आंवला, एवं अमरूद के मातृ पौधशाला तथा पॉलीहाउस, शेड नेट हाउस, एडवांस पॉलीहाउस का भी भ्रमण कराया।

इस दौरान उन्होंने उद्यानिकी फसलों जैसे फल, फूल एवं सब्जी वाली फसलों में पोषक तत्त्व प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा किया।

इस अवसर पर केवीके, जाले के गृह विज्ञान वैज्ञानिक डॉ पूजा कुमारी ने फसलों को कटाई उपरांत उनके रखरखाव एवं बीज भंडारण पर भी विस्तृत रूप से चर्चा की ताकि बीज की गुणवत्ता अगले साल बुवाई के समय तक संरक्षित की जा सके।

वहीं इं. निधि कुमारी ने कृषि में मशीनो और तकनीकों से पोषक तत्त्व प्रबंधन पर चर्चा किया तथा विभिन्न प्रकार की कृषि यंत्रों के बेहतर उपयोग से फसलों की उत्पादकता को बढ़ाने के बारे में बताया।

इसी क्रम में वरीय शोधकर्ता डॉ पूजा कुमारी ने फसल चक्र एवं बाग बगीचों में दलहन कुल की अंतर्वर्ती फैसलो से पोषक तत्त्व के प्रबंधन को विस्तार रूप से बताया।

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Dr Rajendr Prasad Central Agricultural University Pusa Krishi Vigyan Kendra Jale Darbhanga Krishi Vigyan Kendra Sukhet Madhubani
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