
.ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर । अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क रहने की सम्भावना को देखते हुए किसान भाई गेहू की कटनी एवं दौनी के कार्य को प्राथमिकता दें क्यूंकि उसके बाद वर्षा होने की सम्भावना बन रही है। आंधी वर्षा की सम्भावना को देखते हुए कटे हुए गेहूं को खेत में न छोड़े। कटाई के बाद गेहूँ को पूरी तरह सुखाकर भंडारित करें। भंडारण के लिए जूट के बोरे की व्यवस्था कर लें। एवं बोरे को पलटकर अच्छी प्रकार धूप में सुखाकर कीट रहित कर लें।
जलवायू परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केन्द्र ने किसाना भाईयों केलिए जारी समसामयिक सुझाव में उक्त बातें कही है। मौसम विशेषज्ञ डाॅ अब्दुल सत्तार और नेाडल पदाधिकारी डाॅ गुलाब सिंह ने सुझाव देते हुए कहा है कि आम के बागों में विगत वर्षों में फल मक्खी बहुत देखने को मिला था, जिससे किसान भाइयों का नुकसान हुआ था। उसको देखते हुए इस बार किसान भाई सावधानी बरते तथा फल मक्खी के प्रबन्धन के लिए फ्रूट फ्लाई ट्रैप अपनायें, यह सबसे बेहतर विकल्प है।

उन्होंने कहा कि प्रति हेक्टेयर 15-20 फरोमैन ट्रैप लगाकर फ्रूट फ्लाई मक्खी को प्रबंधित किया जा सकता है। इन ट्रैपो को निचली शाखाओं पर 4 से 6 फिट की ऊंचाई पर बांधना चाहिए। एक ट्रैप से दूसरे ट्रैप के बीच में 35 मीटर की दूरी रखे। ट्रैप को कभी भी सीधे सूर्य की किरणों में नहीं रखे।

ट्रैप को आम की बहुत घनी शाखाओ के बीच में नहीं बाधना चाहिए। ट्रैप बाग में स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए की कहा बाधा गया है। ट्रैप बांधने की अवस्था फल पकने से 60 दिन से पहले होना चाहिए और 6 से 10 सप्ताह के अंतराल पर नर की सुगंध बदलते रहना चाहिए।
दुधारू पशुओं को नये गेहूँ के भूसे को खिलाने से पहले दो घंटे पानी में भिगोकर रखें। चारा दान सुबह धूप निकलने से पहले और शाम में धूप समाप्त होने के बाद खिलाए। पशुओं को तेज धूप में न चराएँ। गर्मी से पशुओं को निर्जलीकरण एवं लवण की कमी से बचानें के लिए दिन में चार बार स्वच्छ ठंढा पानी पिलाए एवं 50 ग्राम नमक, 50 ग्राम खनिज मिश्रण एवं प्रोबायोटिक प्रतिदिन दें। गलघोंटू एवं लंगडी बीमारी से बचाव के लिए टिकाकरण करायें।
