

ओईनी न्यूज नेटवर्क।
पूसा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानो के कल्याण को लेकर लगातार निर्णय ले रहे हैं, जिसका फायदा अब लोग महसूस करने लगे हैं। विकसित कृषि संकल्प अभियान उनके दूरदर्शी सोच का ही नतीजा है जो किसानों के समृद्धी की परिकल्पना को साकार करने में महती भूमिका निभायेगी।
डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के विद्यापति सभागार में भारत सरकार के विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के समर्पित कृषि वैज्ञानिकों की प्रतिबद्धता के कारण इस अभियान में विश्वविद्यालय अव्वल रहेगा।
बताते चलें कि पूसा स्थित डीआरपीसीएयू के विद्यापति सभागार में भारत सरकार के विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत, वैज्ञानिक तकनीक एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी, किसानों का फीडबैक, और नवाचार के डकुमेन्टेशन से जुड़े सीधा संवाद विषय पर आधारित एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
अतिथियों के स्वागत सम्मान एवं कुलगीत प्रसारण के उपरांत मुख्य अतिथि भारत सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, विवि के कुलपति डाॅ पीएस पाण्डेय आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री ठाकुर ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि आप काफी अच्छा कार्य कर रहे हैं। जिसका परिणाम है कि पिछले दो वर्षों में कुलपति डॉ पीएस पांडेय के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने बारह से अधिक पेटेंट हासिल किये हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने किसानों के द्वारा खेती में उपयोग की जाने वाली तकनीक के संग्रह करने की जरूरत पर बल दिया। श्री ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार के इस अभियान में डाॅ पाण्डेय को बहुत बड़ी जिम्मेदारी को दी गई है। जिसमें उन्हें न सिर्फ विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों के भी विकसित कृषि संकल्प अभियान को सफल बनाना है।
उन्होंने कहा कि डॉ पांडेय ने तो लीची शो को राष्ट्रीय पर्व बना दिया, जिसकी चर्चा कई राज्यों में हो रही है। तत्पश्चात श्री ठाकुर ने वैज्ञानिकों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही उन्होंने ने भारत रत्न श्री कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इस अवसर पर विवि के कुलपति डॉ पी एस पांडेय ने कहा कि भारत सरकार के इस मेगा अभियान से डेढ़ करोड़ से ज्यादा किसानों को फायदा होगा। इस अभियान केलिए बिहार एवं झारखंड में 174 टीम बनाई गई है। जिसके प्रत्येक दल में पांच से छह वैज्ञानिक होंगे। उन्होंने कहा कि इस मेगा अभियान के लिए विश्वविद्यालय में एक नियंत्रण कक्ष का स्थापित किया गया है। जहां से अभियान के सभी गतिविधि की निगरानी की जायेगी।
कुलपति डॉ पांडेय ने कहा कि वैज्ञानिकों को निर्देश दिया गया है कि वे किसानों की समस्याओं को नोट करें और उसे तुरंत पोर्टल पर अपडेट करें। जिसे उसी दिन केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा। साथ ही ऐसी समस्या जिस पर अनुसंधान की आवश्यकता है उस पर अनुसंधान किया जाएगा। जिस समस्या का समाधान तुरंत किया जा सकता है। उसका तत्काल समाधान किया जाएगा।
इस दौरान प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ मयंक राय ने कहा कि विश्वविद्यालय में इस मेगा अभियान को लेकर 38 टीम बनाई गई है जो पंद्रह दिनों तक गांव में किसानों से मुलाकात करेंगे। और हर टीम एक दिन में तीन गांवों का दौरा करेगी। इस तरह से लगभग डेढ़ लाख से अधिक किसानों से संपर्क किया जाएगा। पूरे बिहार में 130 टीम बनाई गई है जो साढ़े छह लाख से अधिक किसानों से संपर्क करेगी।
विकसित कृषि संकल्प अभियान के विश्वविद्यालय के नोडल पदाधिकारी डॉ रत्नेश झा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि सभी वैज्ञानिक अपने दिन भर की गतिविधियों को रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपडेट करेंगे। जिसकी निगरानी विश्वविद्यालय स्तर व राज्य स्तर एवं केंद्र सरकार के स्तर पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसान अपनी समस्याओं से वैज्ञानिकों को अवगत करायें । कार्यक्रम का संचालन डॉ कुमारी अंजनी ने किया।
इस दौरान कुलसचिव डॉ मृत्यु्जय कुमार, डीन बेसिक साइंस डॉ अमरेश चंद्रा, डीन इंजीनियरिंग डॉक्टर राम सुरेश वर्मा, डीन फिशरीज डॉ पीपी श्रीवास्तव, डीन डॉ उषा सिंह, पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ राकेश मणि शर्मा, डॉ पी के झा, डॉ रामदत्त, डॉ शिवपूजन सिंह समेत विभिन्न शिक्षक वैज्ञानिक एवं पदाधिकारी उपस्थित थे ।