
समस्तीपुर। जिले के पूसा स्थित डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा परिसर स्थित पंचतंत्र भवन के सभागार में समेकित मत्स्य पालन से बेहतर उत्पादन विषय पर आधारित छरू दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। जिसमें बिहार के गया जिले के 30 किसान शामिल हो रहे हैं।

इस अवसर पर उपस्थित वैज्ञानिक डॉ फुल चंद्र ने मत्स्य पालन के दौरान होने वाले रोगों की पहचान व उससे जुड़े उपचार की जानकारी दिया। वहीं उपस्थित जिला मत्स्य पदाधिकारी मृणाल कुमार ने प्रशिक्षुओं से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान को जमीनी स्तर पर उतारे और लोगों से साझा करें। जबकि उपस्थित वैज्ञानिक डाॅ श्याम कुमार ने सजावटी मछली की मांग और उपलब्ध बाजार के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि किसान रंगीन मछली का पालन कर अपनी आय को बढ़ा सकते हैं।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ विनीता सत्पती ने कहा कि मछली उत्पादन के क्षेत्र में बिहार की उत्पादकता क्षमता बढ़ी है । उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना सहित बिहार सरकार की ओर से चलाए जा रहे मत्स्य पालन से जुड़े विकास योजना की जानकारी दिया। उन्होंने ने कहा कि मछली उत्पादक किसान समेकित मत्स्य पालन में नवीनतम तकनीक को अपनाकर कर अपनी आय को बढ़ा सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षुओं को मछली के विभिन्न प्रजातियों की जानकारी दी।


