
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
पटना। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में बच्चे मानसिक सबलता और एकाग्रता खोते जा रहे हैं। इससे बचने के लिए विद्यार्थियों को चित्रकला सीखना एक मनोरंजक और विश्वसनीय साधन सिद्ध होगा। ऐसा तभी संभव है, जब उन्हें चित्रकला की विविध शैलियों, उनकी बारीकियों व विशेषताओं से उन्हें सरल अंदाज में अवगत कराया जाए।
रंग और कैनवास के दुनिया की मौन साधिका स्केचो कला महाविद्यालय’ की निदेशक नीतू कुमारी अपनी इसी सोच के मुताबिक इन दिनों स्कूल और कॉलेज के बच्चों को चित्रकला से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। इसी उद्देश्य के तहत उन्होंने चित्रकला आधारित समर कैंप का आयोजन किया। जिसमें लगभग 60 बच्चों ने भाग लिया। इन बच्चों को ‘स्केचो कला महाविद्यालय’ के द्वारा चित्रकला की विविध विधाओं में प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर संस्थान के प्रशिक्षु कलाकारों ने अपनी-अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन भी किया। कलाकृतियों में तेरह प्रकार की चित्रकलाओं को शामिल किया गया था। जिसकी तैयारी ‘स्केचो कला महाविद्यालय’ के तेरह प्रशिक्षकों विक्की कुमार सोनी, अमन कुमार सोनी, आरोही, निर्मल, कौशिकी श्रीवास्तव, कृति भरद्वाज, अंजलि कुमारी, सिद्धि, मिली, मीनाक्षी लता, राजन, शृष्टि एवं तूलिका ने करायी थी। खास बात यह है कि ये सभी प्रशिक्षक स्वयं इसी महाविद्यालय के छात्र हैं और श्रीमति नीतू से पेंटिंग सीख रहे हैं।
इस अवसर पर सबसे पहले नीतू कुमारी ने मुख्य अतिथि सह निर्णायकों को अपनी संस्था द्वारा निर्मित प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। तदुपरांत आगत अतिथियों ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने संस्था की स्थापना का उद्देश्य एवं उपलब्धियों का उल्लेख किया। इस क्रम में उन्होंने सुविख्यात फोटोग्राफर रंजीत कुमार के प्रति कृतज्ञता जाहिर की जिन्होंने संस्था की स्थापना से नीतू के संघर्ष में हर कदम साथ दिया है।
संस्था के निदेशक के रूप में नीतू कला और संस्कृति के विकास को अपने जीवन का लक्ष्य मानती हैं। उनके अनुसार सच्चा कलाकार अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व से विमुख नहीं हो सकता।