
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, समस्तीपुर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, समस्तीपुर और एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रेन अलायंस, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, रामकृष्णपुर के सभागार में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान और आपदा उन्मुखीकरण कार्यशाला सह विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता विद्यालय की शिक्षिका संगीता कुमारी ने और संचालन दीप्ति कुमारी ने किया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष समीर कुमार प्रधान एवं डालसा सचिव चंदा लाल के निर्देशन में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में पैनल अधिवक्ता अमरेश कुमार सिन्हा नें बच्चों का कम उम्र में होने वाले शादी के कानूनी पक्ष के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और यह एक संज्ञेय अपराध है। कम उम्र की शादी में शामिल सभी पक्षों को दो साल की सजा और एक लाख रुपए तक जूर्माना हो सकता है।

इस दौरान उन्होंने आपदा के समय सरकार से मिलनेवाली सहायता और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका पर भी विस्तार से जानकारी दी। दीप्ति कुमारी नें आपदा जागरूकता के तहत आपदा के प्रकार सहित विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह भी बच्चों के जीवन में आनें वाला एक आपदा ही है।
वहीं सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता माजदा खातुन, रंजू कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार, बलराम चौरसिया, अनिकेत कुमार ने बच्चों को बाल मुक्त भारत अभियान की जानकारी देते हुए बाल विवाह न होने देंगे की शपथ दिलाई।
