
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
ताजपुर । कलाकार जब अपनी रवानी पर होता है तो तालियां बजाते और वाह-वाह करते लेाग उसके आसपास भौंरे की तरह मंडराते रहते हैं। मगर जब वहीं कलाकार बदहाली में जीता है तो कोई उसकी तरफ झांकता तक नहीं। इसी हालात पर किसी शायर ने क्या खूब कहा है जिसकी उंगलियां बिखेडती रही जादू हर महफिल में, बदहाली में उसकी सुध भी लेता नहीं कोई। जी हां! ग्रामीण क्षेत्र केकलाकारों की यही हकीकत है।
ऐसे ही एक कलाकार हैं जिले के ताजपुर प्रखंड स्थित मानपुरा पंचायत के गद्दोपुर निवासी, बिहार के सुप्रसिद्ध तबला वादक दांडेकर पुरस्कार, सहित कई पुरस्कार विजेता, संगीत के तीनों विधाओं यथा गायन, वादन एवं नृत्य के मशहूर फनकार पंडित विष्णुदेव भंडारी। जो इन दिनों बेहद तंगहाली और बदहाली से गुजर रहे हैं। खबर है कि वे बीते करीब छः माह से बीमार चल रहे हैं। परिजनों के मुताबिक वे अक्टूबर में पक्षाघात के शिकार हो गए थे। तब से उनकी हालत दयनीय बनी हुई है।
बताते चलें कि श्री भंडारी लगातार एक लय में किसी एक ताल को लगातार कई घंटों तक बजाने का दम रखते हैं। जो 72 घंटे तक लगातार तबला वादन का अनोखा कीर्तिमान बना चुके हैं। इस उपलब्धि केलिए जगमोहन विद्यापति काॅलेज ऑफ आर्ट एण्ड टेक्नोलॉजी, वैनी सहित कई संस्थानों ने उन्हें सम्मानित भी किया है। आज जिले का का यह 75 वर्षीय अद्भुत कलाकार पाई-पाई केलिए मोहताज है। करीबी सुत्रों कई माने तो उनके पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है, जिस कारण उन्हें इलाज में परेशानी हो रही है।
उनकी दयनीय हालत को देख श्याम मोहन मिश्र, डाॅ सुनील कुमार सिंह, मनोरंजन झा, प्रभात कुमार तुलसी, साक्षी ऋतु, सुमित सुमन, रौशन कुमार, रामचंद्र ठाकुर, रंजन कुमार आदि कई कलाकारों ने क्षोभ जताते हुए सरकार से उनकेलिए आर्थिक सहायता की मांग की है। वहीं जगमोहन विद्यापति काॅलेज ऑफ आर्ट एण्ड टेक्नोलॉजी, वैनी के सचिव डाॅ संजय कुमार राजा ने कलासंस्कृति पदाधिकारी जूही कुमारी को इस बाबत जानकारी देते हुए मदद करने की गुहार लगाई है। ताकि उनका इलाज हो सके। इस बाबत पूछे जाने पर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि ललित महतो ने उनकी मदद करने केलिए हर मुमकिन प्रयास किया जा रहा है।

