
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। झक सफेद लिबास, चेहरे पर सुबह सी ताजगी और ओठों पर स्नेह लुटाती मुस्कान का जिक्र होते ही चिर आरोग्य की जिस देवी की तस्वीर आंखों के सामने उभरती है वह है नर्स। चिकित्सा जगत में अहर्निशं सेवामहे नर्स के कारण ही साकार होता है। नर्स डे मशहूर नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगल को समर्पित है। 12 मई को नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म हुआ था। इसलिए उनकी स्मृति में ही हर साल 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है।
शहर के आदर्शनगर स्थित संजीवनी हाॅस्पीटल में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हाॅस्पीटल के निदेशक डॉ अजीत कुमार ने उक्त बातें कही। उन्होंने बताया कि फ्लोरेंस नाइटिंगेल को लेडी विद दे लैंप के नाम से भी जाना जाता है। नर्सों के सम्मान के लिए पहली बार अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस का साल 1974 में मनाया गया था।
उसके बाद से हर साल इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स यानी अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस केलिये एक थीम निर्धारित करता है। इस साल 2025 में नर्स दिवस की थीम है नर्स : नेतृत्व करने के लिए एक आवाज – गुणवत्ता प्रदान करना, समानता सुनिश्चित करना है।
बताते चलें कि सोमवार को संजीवनी हाॅस्पीटल में चिकित्सकों व नर्स सहित चिकित्सा कर्मियों ने केक काट कर अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मौजूद चिकित्सकों व नर्सों ने एक दूसरे को केक खिला कर बधाई दी। मौके पर डॉ अभिषेक सिंह, डॉ मेराज़ इमाम, डॉ काशीनाथ सिंह, डॉ भारती, डॉ भारतेंदु कुमार, बिट्टू सिंह, गौरव कुमार, कुंदन कुमार, प्रीति कुमारी, डाॅ एके पांडेय, डाॅ ब्रजेश आदि मौजूद थे।