
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। नवनामांकित छात्रों के अनुकूलन शिविर दीक्षारंभ में व्यस्त जिले के पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में सोमवार की सुबह एक धमाके की आवाज से अफरा-तफरी मच गई जब सफाई के दौरान एक एसिड की बोतल फट गई।
इस घटना में चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से दो की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल पूसा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना रेफर कर दिया।
इस बाबत मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को एक तरफ विश्वविद्यालय में दीक्षारंभ का भव्य आयोजन किया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ विश्वविद्यालय परिसर में नियमित सफाई कार्य चल रहा था।
इसी क्रम में एक कचडे के डब्बे को हिलाने डुलाने के क्रम में उस डिब्बे में रखे एसिड के बोतल में अचानक ब्लास्ट हो गया। जिससे वहां काम कर रहे चारों मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। ब्लास्ट इतना जबरदस्त था मजदूरों को अपना बचाव करने का मौका नहीं था और एसिड से जख्मी हो गए ।
धमाके की आवाज सुन कर जुटे कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घायलों में से दो मजदूरों की हालत चिंताजनक बताई गई है। चिकित्सकों ने बताया कि एसिड से जख्म गहरा था, इसलिए विशेष उपचार केलिए उन्हों पटना रेफर कर दिया गया है।
उधर हादसे की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और घटनाक्रम की जानकारी ली। घटना की जांच के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि प्रथमतया यह असावधानी और दुर्घटना प्रतीत होता है। एसिड काफी पुराना था जो सफाई के दौरान हिलने-डूलने के कारण बोतल फट गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि परिसर में मौजूद खतरनाक रसायनों को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी थी, लेकिन पुराने स्टॉक की अधिकता के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है।
जानकर बताते हैं कई रसायन गुजरते समय के साथ अस्थिर हो जाते हैं और हल्की-सी प्रतिक्रिया में भी ब्लास्ट का कारण बन जाते हैं। इसलिए विशेषज्ञों के अनुसार एसिड या अन्य केमिकल्स को समय-समय पर जांचकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट किया जाना चाहिए।
इस तथ्य की जानकारी के बावजूद कृषि अनुसंधान के प्रमुख केन्द्र में पुराने रसायनों के निस्तारण में लापरवाही और उनका असुरक्षित भंडारण विश्वविद्यालय प्रशासन के कौशल व दूरदर्शिता पर सवाल खडे करता है। इस घटना के साथ ही विवि प्रशासन का सुरक्षा मानकों और रसायनों के प्रबंधन को लेकर लापरवाही उजागर हो गई है।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने भी विश्वविद्यालय स्थित घटनास्थल पर और अस्पताल पहुंच कर मामले की पडताल की। उधर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीएस पाण्डेय ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम का गठन कर समुचित कार्रवाई की बात कही है।
उधर घटना की जानकारी मिलते ही भाकपा माले पूसा प्रखंड सचिव अमित कुमार ने अस्पताल पहुंच कर पीड़ित के बारे में जानकारी ली तथा इस इस घटना केलिए कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए पीड़ितों के संपूर्ण इलाज तथा पीड़ित के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।