
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। रविवार को समीर कुमार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार समस्तीपुर के निर्देशानुसार, चंदा लाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता मुरली मनोहर और अधिकार मित्र सह जिला कार्यक्रम समन्वयक दीप्ति कुमारी के द्वारा विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया।
राजकीयकृत मध्य विद्यालय चकसाहो पटोरी के सभागार में आयोजित इस शिविर की अध्यक्षता शिक्षिका प्रभावती कुमारी एवं संचालन अधिकार मित्र दीप्ति कुमारी नें किया। मौक़े पर उपस्थित पैनल अधिवक्ता मुरली मनोहर ने लीगल अवेयरनेस प्रोग्राम द वर्कर इन अनार्गेनाइज्ड सेक्टर स्कीम 2015 से पीड़ित मजदूरों के कानूनी सहायता की जानकारी दी एवं बच्चों का कम उम्र में होने वाले शादी के कानूनी पक्ष को रखा।
इस अवसर पर जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सचिव सुरेन्द्र कुमार ने बच्चो के संवैधानिक अधिकार पर चर्चा करते हुए कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई ही नहीं यह एक संज्ञेय अपराध भी है। कम उम्र की शादी में शामिल सभी पक्षों को दो साल की सजा और एक लाख रुपए जूर्माना हो सकता है।
इस दौरान पैनल अधिवक्ता ने सरकार से मिलने वाली कानूनी सहायता और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका पर भी विस्तार से जानकारी दी। वहीं दीप्ति कुमारी ने विधिक सेवा में लोक अदालत के बारे में बताया और बाल अधिकार सुरक्षा, बाल श्रम, चाइल्ड हेल्प लाइन आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मौके पर जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र समस्तीपुर एक्सेस टू जस्टिस कार्यक्रम की सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता रंजू कुमारी, रीता कुमारी, संगीता रानी आंगनवाड़ी सेविका सह प्रखंड अध्यक्ष, कुमारी राखी, शिक्षक सीएम आर्या और स्थानीय लोग और बच्चे मौजूद रहे।