
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर । डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के कुलपति निवर्तमान कुलपति के नक्शे कदम पर चलना शुरू कर चुके हैं। कुलपति के संरक्षण में विश्वविद्यालय के पदाधिकारी लगातार तानाशाही पूर्ण व्यवस्था को स्थापित करते दिख रहे हैं। उक्त बातें बुधवार को संवाददाताओं से बात करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव पूसा अमित कुमार ने कहीं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में विश्वविद्यालय ने अपने कर्मचारी पदाधिकारी तक को किसी मीडिया, प्रेस एवं आम जनता से सीधे संवाद पर रोक लगा दिया था। जो किसानों को समर्पित विश्वविद्यालय की साख को धूमिल करने वाला फैसला है। विश्वविद्यालय के पदाधिकारी के संरक्षण में वर्षों से एक अवैध बस पडाव चल रहा है इसको लेकर संपदा पदाधिकारी सहित किसी भी पदाधिकारी को कोई खबर नहीं।
अगर है तो फिर इस दिशा में विश्वविद्यालय प्रशासन अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है। जबकि विश्वविद्यालय के संपदा पदाधिकारी ने इसी भू खण्ड के दक्षिण पश्चिम स्थित छोटे से व्यावसायिक परिसर में उच्च किराया देकर व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को उनके दुकान के आगे ग्राहक को बैठने या अस्थाई रूप से किसी सामान को रखने पर प्रतिबंध लगाने आदेश जारी किया है।
माले नेता ने कहा कि निरीक्षण में उक्त आदेश की अवहेलना पाये जाने पर कुर्सी सहित सभी सामान जप्त कर लेने की धमकी कमजोरों पर जोर चलाने वाले विश्वविद्यालय की तानाशाही का आईना है। अवैध बस स्टैंड के मामले में संपदा पदाधिकारी सहित सभी पदाधिकारियों की सारी हवा गुम है, कोई कुछ करना तो दूर एक शब्द बोलने को तैयार नहीं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपना तानाशाही फरमान को वापस ले और अवैध बस स्टैंड पर कार्रवाई करे अन्यथा भाकपा माले संपदा पदाधिकारी का पुतला दहन सहित चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
