
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर । सर्व विदित है कि भारतीय संस्कृति की विशाल परंपरा में मनुष्य ही नहीं पेड पौधे, कीट-पतंग, पशु-पक्षी, के अलावा धरती, वायु, जल, आकाश, सूरज, चांद आदि को भी ससम्मान पूजन का विधान है। इसीलिए भारतीय संस्कृति व परंपरायें दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं।

प्रकृति पूजन की इसी परंपरा के तहत विक्रम संवत्सर 2082 का पहला त्योहार, लोकआस्था में रचे बसे स्वच्छता, श्रद्धा, पवित्रता एवं सूर्योपासना का 4 दिवसीय महानुष्ठान छठ पूजा चाक चैबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच उदीयमान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के साथ संपन्न हो गया।

इसके तहत जिले भर में श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को जगह-जगह अपने घरों के आसपास प्रतीकात्मक छठ घाट निर्माण कर या निकटवर्ती नदी घाटों पर उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दान किया। इसी क्रम में शहर के बूढी गंडक स्थित विभिन्न घाटों के अलावा बिरौली स्थित बूढी गंडक के बिरौली घाट सहित विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं ने प्रातःकालीन अघ्र्यदान किया।

इस अवसर पर माले प्रखण्ड सचिव अमित कुमार ने छठ व्रतियो व श्रद्धालुओं सहित प्रखण्ड वासियों को छठ पूजा की बधाई दी। वहीं जिला पार्षद सत्यप्रकाश कुशवाहा, प्रखण्ड प्रमुख रविता तिवारी आदि ने भी छ़ठ व्रतियों व श्रद्धालुओं को छठ पूजा की हार्दिक बधाई व शुभकामनायें दी।

