
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर । रहीमाबाद में पुस्तैनी बसे दलित बस्ती बहादुरनगर को ताजपुर अंचल प्रशासन द्वारा उजाड़े जाने के खिलाफ भाकपा माले के बैनर तले प्रतिरोध मार्च निकालकर पुनर्वास कराने की मांग की गई। बृहस्पतिवार को भाकपा-माले के कार्यकर्ता मोतीपुर सब्जी मंडी पर ईकट्ठा होकर अपने-अपने हाथों में झंडे, बैनर एवं मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर जोर-जोर से नारे लगाकर प्रतिरोध मार्च निकाला। मार्च नेशनल होईवे से होकर पेट्रोल पंप, चैगछिया, धर्मकांटा आदि से गुजरते हुए पुनः सब्जी मंडी चैक पहुंचकर मार्च सभा में तब्दील हो गया।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि अंचलाधिकारी को आवेदन देकर उजाड़ने से पहले भूमिहीनों को भाकपा-माले बसाने की मांग कर रही थी लेकिन अंचल प्रशासन टालमटोल करती रही। अनुमंडलाधिकारी दिलीप कुमार ने सीओ आरती कुमारी को भूमिहीन को चिंहित कर पुनर्वास कराने का आदेश दिया था, लेकिन बगैर पुनर्वास कराने सीओ द्वारा भूमिहीनों को उजाड़कर बेघर कर दिया गया है। इससे बच्चे, जवान, मवेशी, गर्भवती महिलाएं सड़क पर खानाबदोश की जिंदगी काट रहे हैं। यह भाजपा-जदयू के सुशासन की सरकार का नाजायज कारवाई है और भाकपा माले इसका विरोध करती है।
अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि उजाड़े गये परिवार को यथाशीघ्र पर्चा, 10-10 डीसमल वासभूमि एवं आवास देकर बसाने की गारंटी करें अंचल-प्रखंड प्रशासन अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा। खेग्रामस नेता शंकर महतो ने उजाड़े गये परिवारों को 50-50 हजार रूपए मुआवजा निर्माण कंपनी या सरकार द्वारा देने, अंचल क्षेत्र के सरकारी भूमि पर बसे परिवारों को पर्चा, अंचल के सभी भूमिहीन परिवारों को वासभूमि एवं आवास देने, दलितों-गरीबों के टोला-मुहल्ला में पहुंचपथ बनाने की मांग की।
मौके पर राजदेव प्रसाद सिंह, रवींद्र प्रसाद सिंह, कैलाश सिंह, संजीव राय, मनोज कुमार सिंह, संजीत कुमार सिंह, भूषण साह, मोतीलाल सिंह, अनील राय, गुलाब बाबू समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।