
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर । भटगामा स्थित शिक्षा विहार परिसर में शिक्षा विहार एजुकेशनल ट्रस्ट के संस्थापक स्मृति शेष आदित्य नारायण मिश्र के पांचवें पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सह काव्यांजलि समारोह का आयोजन वरिष्ठ साहित्यकार चांद मुसाफिर जी की अध्यक्षता तथा डॉ. परमानन्द लाभ व प्रो. पीके. झा प्रेम के संचालन में काव्यांजलि समारोह का आयोजन किया गया।
काव्यांजलि समारोह में सर्वप्रथम अध्यक्षता कर रहे चांद मुसाफिर और चेन्नई से पधारे मुख्य अतिथि डॉ ईश्वर करुण, प्रो प्रेम, डॉ लाभ सहित प्रांत के विभिन्न हिस्से से पधारे करीब दर्जनाधिक कवियों को मैथिली परम्परा के अनुसार अंगवस्त्र पाग पुष्पहार, प्रशस्ति पत्र तथा आदित्य नारायण स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर चेन्नई से पधारे मुख्य अतिथि डॉ ईश्वर करुण ने कहा कि व्यक्ति का साहित्य प्रेम उसे अमर बना देता हैं। आज आदित्य बाबू ने भी अपने साहित्य प्रेम से अमरता को प्राप्त कर लिया है। डॉ करुण ने समारोह के आयोजक तथा आदित्य बाबू के सबसे छोटे सुपुत्र सुशांत चन्द्र मिश्र से आग्रह किया कि आदित्य बाबू के अगामी पुण्यतिथियों पर भी काव्यांजलि का आयोजन करते रहे।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ साहित्यकार चांद मुसाफिर ने भी आयोजक परिवार को अभिव्यक्ति के तत्वावधान में काव्यांजलि समारोह करते रहने का आग्रह किया। वहीं सम्मान समारोह का संचालन करते हुए प्रो प्रेम ने कहा कि आज आदित्य बाबू की आत्मा इस काव्यांजलि समारोह को देख कर तृप्त हो रही होगी।
समारोह में विशिष्ट अतिथि द्वय गोरखपुर से विजय कुमार मिश्र और पिढौली से सतीश चन्द्र झा को भी आदित्य नारायण मिश्र स्मृति विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मानित अतिथि एवं कवियों के सम्मान में स्वागत भाषण एंव स्वागत गान के उपरांत स्मृति झा ने जय जय भैरवी,,,,,, से काव्यांजलि का शुभारंभ किया।
मिथिला ही नहीं बिहार के सुप्रसिद्ध कवि डॉ सचिदानंद पाठक जयनगर से पधारे डॉ नारायण यादव तथा दरभंगा से पधारे हास्य व्यंग के चर्चित कवि डॉ बिनोद हसौडा, दिल्ली से पधारे मनीष कुमार झा ने श्रोताओं को रसविभोर कर दिया। स्मृति शेष आदित्य बाबू की सबसे छोटी पुत्रवधू प्रिति प्रियदर्शिनी ने भी इस अवसर पर काव्यांजलि प्रस्तुत कर अपनी श्रद्धांजलि निवेदित की।
इसके अलावा समारोह में समस्तीपुर से डॉ परमानन्द लाभ, विद्यापति नगर से सीताराम शेरपुरी, प्रो सत्य संघ भारद्वाज, एरौत से तृप्ति नारायण झा, बछबाडा से अनिल झा आदि कवियों ने स्मृति शेष आदित्य बाबू के प्रति काव्यांजलि अर्पित किया। समारोह के अंत में सुशांत चन्द्र मिश्र ने सभी सम्मानित कवियों एवं सम्मानित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर काफी संख्या में ग्रामिणों के अतिरिक्त डॉ गोपाल प्रसाद, ई मनोहर सिंह, विकास चंन्द्र मिश्र, विधान चंद्र मिश्र, प्रफुल्ल चंद्र मिश्र, प्रशांत चंद्र मिश्र, विमला देवी, सुगंधा,कुम कुम, गुड़िया, वैष्णवी, वीरेंद्र कुमार, बिरेंद्र झा, दिगम्बर झा,रतीश झा, अशोक झा, प्रभात चैधरी, डॉ कृष्ण मुरारी झा, डॉ राजकुमार, वेद प्रकाश आदि उपस्थित थे।