
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने राज्य के प्रतिभावान कलाकारों को सशक्त बनाने, उनकी कला को विश्व व्यापी पहचान दिलाने एवं उनके प्रतिभा को नई दिशा देने के लिए एक अभिनव पहल करते हुए बिहार कलाकार पंजीकरण पोर्टल का निर्माण किया है। जिसका औपचारिक लोकार्पण 15 अप्रैल को विभागीय मंत्री द्वारा किया जा चुका है।
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी जूही कुमारी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि इस डिजिटल पोर्टल का उद्देश्य राज्य भर के कला के विविध विधाओं से जुड़े कलाकारों को एक साझा एवं वैश्विक मंच प्रदान करना है। जहां वे केवल अपना पंजीकरण कर सरकारी योजनाओं, सांस्कृतिक आयोजनों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं अन्य कल्याणकारी गतिविधियों से सीधे रूप से जुड़ सकेंगे।यह पोर्टल कलाकारों को वैश्विक मंच प्रदान करने के साथ-साथ अगली पीढी केलिए प्रेरणा स्रोत होगा और बिहार के सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
उन्होंने बताया कि यह पोर्टल चित्रकला, नृत्य, संगीत, नाटक, लोककला, शास्त्रीय कला, मूर्तिकला, शिल्पकला, साहित्य, वादन, गायन, लोकनृत्य एवं अन्य पारंपरिक आधुनिक कलाओं से जुड़े कलाकारों को एकीकृत रूप से पंजीकृत कर उन्हें डिजिटल पहचान प्रदान करेगा। प्रत्येक पंजीकृत कलाकार को एक विशिष्ट यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे न केवल उनकी पहचान सुदृढ़ होगी, बल्कि सरकार को भी यह जानकारी रहेगी कि किस जिले में, किस विधा के, कितने कलाकार सक्रिय है।
पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पंजीकरण केलिए कलाकारों को पोर्टल पर जाकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, कला विधा, अनुभव, बैंक विवरण, एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करते हुए फॉर्म सबमिट होगा। पंजीकरण सफल होने पर उन्हें एक डिजिटल आईडी प्रदान की जाएगी। इसके पश्चात वे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, योजनाओं, प्रदर्शनियों, शिविरों तथा अन्य आयोजनों में सशक्त भागीदारी के पात्र बन जाएंगे। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने सभी कलाकारों से इस पोर्टल पर शीघ्र पंजीकरण कर सरकार के योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की है। साथ ही पंजीकरण में किसी भी तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी समस्या के समाधान के लिए जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय समस्तीपुर से संपर्क करने की सलाह दी है।।