
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन अलायंस के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, समस्तीपुर के सभागार में बाल विवाह के खिलाफ धर्मगुरु विषयक जिला स्तरीय कार्यशाला सह संकल्प सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित धर्म गुरुओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बाल विवाह के विरुद्ध इस आंदोलन को समीचीन और स्वस्थ समाज के निर्माण केलिए जरूरी बताते हुए समर्थन दिया साथ ही बालविवाह नहीं कराने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जेजेबीविके सचिव सुरेन्द्र कुमार नें कहा कि आप सभी धर्मगुरुओं से मिला सहयोग व समर्थन अभिभूत करने वाला है।
बताते चलें कि बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश में समाजिक संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की समस्तीपुर जिला में सहयोगी संगठन जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र की ओर से अक्षय तृतीया व शादी-ब्याह के मौसम को देखते हुए बाल विवाह के रोकथाम के लिए विभिन्न धर्मों के विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहितों के बीच चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत सभी धर्मगुरुओं को शपथ दिलाया।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक दीप्ति कुमारी ने कहा कि कोई भी बाल विवाह किसी पंडित, मौलवी या पादरी आदि धर्मगुरु के बिना संपन्न नहीं हो सकता। इसलिए हमनें सीधे आपको बाल विवाह के खिलाफ अभियान से जोड़ने का फैसला किया। इसका सुफल यह है कि जिले में तमाम मंदिरों-मस्जिदों के आगे ऐसे बोर्ड लगे हुए जिन पर स्पष्ट लिखा है कि यहां बाल विवाह की अनुमति नहीं है।
गौरतलब है कि जेआरसी 2030 तक देश से बाल विवाह खत्म करने के मकसद से ‘चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया’ कैम्पेन चला रहा है। वहीं ललिता कुमारी नें बताया कि जेआरसी कानूनी हस्तक्षेपों के जरिए बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश के 416 जिलों में जमीन पर काम कर रहे 250 से भी ज्यादा नागरिक संगठनों ने हालिया वर्षों में दो लाख से ज्यादा बाल विवाह रुकवाए हैं और पांच करोड़ से ज्यादा लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है। इसी क्रम में जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र नें 2024-2025 में स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग, परस्पर समन्वय व कानूनी हस्तक्षेपों के सहारे परिवारों एवं समुदायों को समझा कर 6000 बाल विवाह रुकवाए हैं।
अपने संबोधन मे बलराम चौरसिया नें कहा कि यह संगठन 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जेआरसी अपने संस्थापक भुवन ऋभु लिखित पुस्तक व्हेन चिल्ड्रेन हैव चिल्ड्रेन : टिपिंग प्वाइंट टू इंड चाइल्ड मैरेज में सुझाये गये सभी रणनीति पर अमल कर रही है।
जेजेबीविके की कोषाध्यक्ष वीणा कुमारी ने कहा कि अभी भी देश में बाल विवाह के खिलाफ जरूरी जागरूकता की कमी है। ज्यादातर लोगों को यह पता नहीं है कि यह बाल विवाह निषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। इसमें किसी भी रूप में शामिल होने या सेवाएं देने पर दो साल की सजा व जुर्माना या दोनों हो सकता है। इसमें बाराती और लड़की के पक्ष के लोगों के अलावा कैटरर, साज-सज्जा करने वाले डेकोरेटर, हलवाई, माली, बैंड बाजा वाले, मैरेज हाल के मालिक और यहां तक कि विवाह संपन्न कराने वाले पंडित और मौलवी को भी अपराध में संलिप्त माना जाएगा।
सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता माजदा खातुन में कहा कि आप इस अभियान सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं क्योंकि आप ही विवाह संपन्न कराते है। हमें मिल कर समाज को समझाना होगा कि अठारह वर्ष से कम उम्र की बच्ची से वैवाहिक संबंध बनाना पॉक्सो कानून के तहत अपराध है। हमें बेहद खुशी है कि आप लोग इस बात को समझते हुए न सिर्फ इस अभियान को समर्थन दे रहे हैं, बल्कि खुद आगे बढ़कर बाल विवाह नहीं होने देने की शपथ ले रहे हैं।
स्मृति कुमारी ने बताया कि यदि आप लोग बाल विवाह संपन्न कराने से इनकार कर देगे तो देश से रातोंरात इस अपराध का सफाया हो सकता है और जल्द ही हम बाल विवाह मुक्त समस्तीपुर के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। मौक़े पर एक्सेस टू जस्टिस कार्यक्रम की रंजू कुमारी, वीभा कुमारी, राखी कुमारी, रीता कुमारी, अनिकेत कुमार, मो. मोजाहिद, मनोज कुमार झा, सैयद जमिल, चेतना सामाजिक संस्था के अध्यक्ष डॉ मिथलेश कुमार, एक्शन एड की सुषमा सिंह, महिला विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक जितेन्द्र कुमार साहु, सखी वन स्टॉप सेंटर की केन्द्र प्रशासक ज्योति अर्चना, पंडित अनिल कुमार मिश्र, शंभु झा, मो. रहमान आदि उपस्थित थे।