
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
पूसा। अभी गेहूं की कटाई की जा रही है इसके पश्चात किसान के खेत खाली हो रहे हैं। ऐसे में अगली फसल को किफायती और लाभकारी बनाने केलिए खेत का लेजर लेवलर के द्वारा लेवलिंग करने का यह बहुत ही उचित समय है। खेत की गहरी जुताई करने के पश्चात उसे सही तरीके से तैयार कर लेने के बाद लेजर लैंड लेबलर से एक समान लेवलिंग कर लेने पर किसान भाई को अगले फसल में काफी सुविधा हो जाती है।
कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ आरके तिवारी ने गेहूं कटने के बाद खेत तैयार करने को लेकर किसान भाईयों केलिए सुझाव जारी करते हुए उक्त बातें कही है। उन्होंने कहा है कि अगली फसल केलिए खेत तैयार में लेजर लैंड लेबलर बेहद उपयोगी उपकरण है।
इसी क्रम में कृषि विज्ञान केंद्र की विषय वस्तु विशेषज्ञ इंजीनियर विनीता ने बताया कि लेजर लैंड लेवलिंग खेत में एक समान नमी सुनिश्चित करता है और खरपतवार की समस्या को खत्म करता है। सटीक भूमि समतलीकरण से फसल की वृद्धि, परिपक्वता और उपज भी एक समान होती है। लेजर नियंत्रित भूमि समतलीकरण तकनीक का उपयोग करने से पानी कम बर्बाद होता है, जिससे करीब 30% तक पानी की बचत की जा सकती है।
ई. विनीता इस मशीन के बारे में बताते हुए कहती हैं कि यह एक लेज़र तकनीक पर आधारित यंत्र है, जिसमें एक लेज़र, जनरेटर और रिसीवर होता है। लेज़र जनरेटर एक निश्चित ऊंचाई पर एक लेज़र बीम का उत्सर्जन करता है, जो भूमि की सतह पर निर्देशित होता है। रिसीवर इस बीम को पकड़कर यंत्र को बताता है कि भूमि कहाँ ऊँची है और कहाँ नीची। इस जानकारी के आधार पर, यंत्र में लगे हल या अन्य उपकरणों की सहायता से मिट्टी को समतल किया जाता है।
उन्होंने कहा कि लेजर ट्रांसमीटर लेजर बीम को सिग्नल भेजता है जिसे लेवलिंग बकेट पर लगे लेजर रिसीवर के द्वारा पकड़ लिया जाता है। ट्रैक्टर पर लगे कंट्रोल पैनल द्वारा रिसीवर के सिग्नल का विवेचन किया जाता है तथा हाइड्रोलिक नियंत्रण वाला वॉल्व को खोलता एवं बंद करता है। जिससे बकेट को आवश्यकतानुसार ऊपर उठाया व गिराया जा सकता है।
ई विनिता ने बताया कि कुछ लेजर ट्रांसमीटर 0.01 से 15 प्रतिशत वर्गीकृत ढाल पर काम करने की क्षमता से युक्त होते हैं तथा भूमि पर दोहरे नियंत्रण ढाल बनाने के लिए प्रयुक्त होते हैं। नियंत्रण खोल ट्रैक्टर के 3-पॉइंट पर लगाकर अथवा ट्रैक्टर के ड्रॉ बार से खींचा जा सकता है। खोल के आयाम, पहियों की संख्या और क्षमता, शक्ति स्रोत तथा क्षेत्र की परिस्थिति के अनुसार कम या अधिक हो सकती है।
लेजर लैंड लेवलर को चलाने के लिए 45 से 60 हॉर्स पॉवर तक के ट्रैक्टर की आवश्यकता होती है। सामान्यतः एक एकड़ भूमि को समतल बनाने के लिए लगभग दो से ढाई घंटे का समय लगता है। यदि भूमि काफी ऊबड़-खाबड़ है तो इससे अधिक समय भी लग जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह यंत्र किसान भाईयों केलिए कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली में भाड़े पर भी उपलब्ध है। इसके लिए आवश्यकता तिथि से कुछ दिन पहले केवीके में आवेदन देना पड़ता है। उसके बाद किसानों को यह मशीन उपलब्ध कराया जाता है।